बैठक में सर्वप्रथम लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों की समीक्षा की गई। इस दौरान पाया गया कि कटंगी तहसील में कुछ प्रकरणों के निराकरण की समय सीमा अधिक हो चुकी है।
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कलेक्टर ने ली राजस्व अधिकारियों की बैठकराजस्व प्रकरणों की हुई समीक्षा कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने आज 20 जुलाई को राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों की विसतापर से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में अपर कलेक्टर श्री शिवगोविंद मरकाम, संयुक्त कलेक्टर श्री के सी ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर सुश्री निकिता मंडलोई, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे। बैठक में सर्वप्रथम लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों की समीक्षा की गई। इस दौरान पाया गया कि कटंगी तहसील में कुछ प्रकरणों के निराकरण की समय सीमा अधिक हो चुकी है। इस पर कटंगी तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये। सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये कि लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय सीमा के भीतर निराकरण करें। अन्यथा विलंब होने पर उन पर जुर्माना लगाया जायेगा। सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों का निराकरण त्वरित एवं आवेदक की संतुष्टि पूर्वक होना चाहिए। जिन अधिकारियों के सीएम हेल्पलाईन के 50 दिनों से अधिक के प्रकरण लंबित हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सीमांकन के प्ररकणों का त्वरित निराकरण करें। धारणा-अधिकार के नये प्ररकणों में प्रीमियम की राशि लगाकर निराकरण करने के निर्देश दिये गये। सभी अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शिविर लगाकर नजूल सीट की भूमि का निर्धारण कर सूची उपलब्ध कराने कहा गया। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिये गये। नामांतरण के प्रकरण सबसे अधिक वारासिवनी अनुभाग के खमरिया, वारासिवनी, मेंडकी एवं बालाघाट अनुभाग के हट्टा नायब तहसीलदार कोर्ट में लंबित होने पर एसडीएम को इसकी जांच कर अपर कलेक्टर को रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया। राजस्व अधिकारियों से कहा गया कि भूमि बंधक प्रकरणों की संख्या अधिक है, इनका शीघ्रता से निराकरण किया जाये। वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित कराने के प्रकरण तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास निर्माण में उनके द्वारा जिन प्रकरणों में स्थगन दिया गया है, उनका शीघ्रता से निराकरण किया जाये। तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि उनके कोर्ट में राजस्व प्रकरणों को बहुत विलंब से प्रस्तुत किया जाता है, इस स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाये और राजस्व संबंधी प्रकरण राजस्व न्यायालय में शीघ्रता से प्रस्तुत किये जाये। बैठक में राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आरआरसी दर्ज प्रकरणों में वसूली के लिए सख्त कार्यवाही करें।