*😢👉एक दशक में स्वास्थ्य सेवाएं हुई बुरी तरह प्रभावित, दो मुख्य हॉस्पिटल हुए बंद*
*😡जिम्मेदारों ने नहीं दिखाई जिम्मेदारी, सोते रहे जनप्रतिनिधि, चिल्लाती रही जनता, कुछ नहीं कर पाए आप और हम*
*😡👉डॉक्टरों को कोसने और भगाने से कुछ नहीं होगा सुधार लाओ तो बचेगा जुन्नारदेव*
*🤜👉बेहतर स्वास्थ्य, अच्छी शिक्षा और रोजगार के अवसर जुन्नारदेव क्षेत्र से कहीं हो ना जाए गुम*
सच की आंखें न्यूज़ छिंदवाड़ा जुन्नारदेव ---- आज के आधुनिक बदलते दौर में जहां लगातार बेहतर सुविधाएं शासन प्रशासन द्वारा प्रदान किए जाने की बड़ी-बड़ी बातें कही जाती है वही आदिवासी विधानसभा क्षेत्र जुन्नारदेव में इन सब का अभाव स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है जहां पर बेहतर स्वास्थ, अच्छी शिक्षा और रोजगार के साधनों की उपलब्धता जुन्नारदेव क्षेत्र के गरीब आदिवासियों से कोसों दूर नजर आ रही है, इसका मुख्य कारण क्षेत्रवासियों की उदासीनता को ही कहा जा सकता है जहां पर ना तो जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी निभाने को देखते हैं और ना ही आम जनता अपने अधिकारों के प्रति सजग रहती है, ऐसे में यदि जुन्नारदेव क्षेत्र की जनता के साथ छलावा हो भी रहा है तो इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार वह स्वयं है और आप और हम स्वयं ही इसके साक्षी है कि हमने अपनी सोई हुई इच्छा शक्ति को जगाने में काफी देर कर दी है इसलिए आज जुन्नारदेव क्षेत्र पूरी तरह पिछड़े हुए क्षेत्र में गिना जाने लगा है। वही देखा जाए तो हमारे आसपास के विधानसभा क्षेत्रों को देखकर स्पष्ट तौर पर यह कहा जा सकता है कि इस क्षेत्र को ठगने में जनप्रतिनिधि, राजनेता और प्रशासनिक अधिकारियों का भी पूरा-पूरा हाथ है जहां पर लोग अपने स्वार्थ के अलावा दूसरा कुछ देखते ही नहीं है। बात की जाए समूचे विधानसभा क्षेत्र की तो इस क्षेत्र में जिला मुख्यालय से आवागमन करने वाले अधिकारी, कर्मचारियों की भरमार सी नजर आती है जो क्षेत्र से पैसा कमा कर जिला मुख्यालय में इसे पूरी तरह खर्च कर रहे हैं जिससे नगर का व्यापार व्यवसाय भी अब बुरी तरह बर्बाद होते चला है इससे उन व्यापारियों को क्या लेना देना नहीं जिनकी दुकान अच्छी चल रही है मारे तो वह गरीब व्यापारी जा रहे है जिनके पास अब खाने के लिए दो वक्त की रोटी भी नहीं बची है ऐसे में अगर हम अब भी नहीं जागे तो अब तो भगवान ही मालिक है।
*♦️एक दशक में स्वास्थ्य सेवाओं पर हुआ कुठारघात* ----- यदि जुन्नारदेव क्षेत्र के एक दशक की बात की जाए तो क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से क्षीण हुई है, जिसमें मुख्य रूप से जुन्नारदेव क्षेत्र की संजीवनी कहे जाने वाले मिशन अस्पताल और डब्ल्यूसीएल के वेलफेयर अस्पताल का बंद होना। इसमें प्रमुख बात यह है कि जहां पर दम तोड़ रही स्वास्थ्य सेवाएं इन दो अस्पतालों से संजीवनी प्राप्त करती थी, वहीं अब वर्तमान में नगर में एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव ही है जहां पर आमजन अपना उपचार करा सकते हैं वहां पर भी अत्याधुनिक चिकित्सा सेवा की कमी ,राजनीतिक उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की सोई हुई इच्छा शक्ति को स्पष्ट तौर पर उजागर करती है, जहां पर एकमात्र स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बचे हुए अस्पताल में भी आईसीयू यूनिट सहित अन्य अति आवश्यक सेवाएं आज भी मुहैया नहीं हो पाई है।
*👉😡मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी विधानसभा आज भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रही* ----- क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी विधानसभा का दर्जा प्राप्त जुन्नारदेव आज भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रही है जहां पर ना तो बेहतर स्वास्थ्य और ना बेहतर शिक्षा और ना ही बेहतर खानपान के साथ रोजगार आदिवासी क्षेत्र की जनता को मिल पाया है आज भी ग्रामीण अंचल से पढ़ने आने वाले बच्चों के लिए नदी नालों को पार करने के लिए पुल नहीं बने हैं ऐसे में बारिश के चार माह बच्चे शिक्षा से वंचित रह कर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। ऐसा एक-दो गांव का आलम नहीं है 1 दर्जन से अधिक गांव ऐसे मिल जाएंगे जहां के गरीब ग्रामीण आदिवासियों को मूलभूत सुविधा प्राप्त ही नहीं हो रही है या तो गांव में स्कूल ही नहीं है या स्कूल है तो शिक्षक ही नहीं है उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आज भी बच्चे आवागमन के साधनों को तलाशते नजर आ रहे हैं वहीं बारिश के चार माह नदी नालों में पानी भरा रहने के कारण बच्चे स्कूल, कॉलेज जाने से वंचित रह रहे हैं ऐसे में इस क्षेत्र में राजनीतिक उदासीनता स्पष्ट तौर पर उजागर हो रही है जहां पर किसी भी पार्टी के विजयी नुमाइंदे को आज तक क्षेत्र की मूलभूत परेशानियां नजर ही नहीं आई है या यह कहा जाए कि इन्होंने अपने फायदे की राजनीतिक रोटी सेकी है और गरीब जनता को गर्त में डाला है।
*😡👉अब भी नहीं संभले तो और अधिक बदतर होंगे हालात* ---- आज भी यदि क्षेत्र की जनता अपने बदतर हालात को सुधारने के लिए आगे नहीं आई तो इसके बाद भगवान ही मालिक है और हालात बद से बदतर होने की स्थिति में आ गए हैं, ऐसे में क्षेत्र में मुख्य रूप से क्षीण होती स्वास्थ्य सेवाओं को जागृत करने के साथ-साथ एकमात्र बचे हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव में आईसीयू यूनिट के साथ समस्त प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अब हमारी होगी क्षेत्र में सभी प्रकार की बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सकों की व्यवस्था प्राथमिकता पर कराए जाने की जिम्मेदारी भी अब हमारी होगी, अब हमें यह सोचना है कि हमारे क्षेत्र को, अपने आप को और अपनों को कैसे बचाना है अगर हम आज भी नहीं जागे तो हमारी आने वाली पीढ़ी हमारी इस घोर लापरवाही और नकारेपन की जमकर निंदा करती नजर आएगी और उनके हाथ में भी सिर पीटने के अलावा कुछ नहीं बचेगा।
*👉🙏कैसे बेहतर हो स्वास्थ्य सेवाएं इस पर किया जाना चाहिए मंथन* ---- जून्नारदेव क्षेत्र का यह दुर्भाग्य रहा है कि हम सदैव ही दूसरों की खामियां निकालने की कोशिश में लगे रहते हैं कभी भी हमारे द्वारा कमियों को दूर करने की बात नहीं की गई है क्षेत्र से डॉक्टरों को भगाने मैं लोगों ने गोल्ड मेडल हासिल किए है किंतु क्षेत्र में डॉक्टरों को लाने का रिकॉर्ड कौन बनाएगा यह सोचना होगा वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संपूर्ण आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ अति आवश्यक चिकित्सकीय सेवा जिसमें मुख्य रुप से शिशु रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता कराना प्रथम लक्ष्य होना चाहिए।
*👉😡आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जनता करें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार उपलब्धता की मांग* ----- आगामी कुछ माह में विधानसभा और उसके उपरांत लोकसभा चुनाव आने वाले ऐसे में क्षेत्र की जनता अब अपने भविष्य को निर्धारित करें, जहां पर क्षेत्र की जनता अपना जनप्रतिनिधि किसे चुनती है इसका फैसला उसे करना है पहले यह सोच ले की जिसे हम चुन रहे हैं वह हमें मूलभूत सुविधाएं जिसमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराता है या नहीं या फिर 5 साल बिताने के बाद फिर से इन्हीं मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाता है। अब सोचना जनता को है कि वह आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में किस प्रकार से वह क्षेत्र का विकास देखती है और कैसा जनप्रतिनिधि अपने लिए चुनती है। फिलहाल देखा जाए तो जहां हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं वहीं हमारा जुन्नारदेव क्षेत्र आज भी आजादी के 75 वर्षों के उपरांत भी जस की तस बना हुआ है जहां पर ना तो स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी हुई है और ना ही शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कोई अग्रणी उपलब्धि हासिल हुई है ऐसे में अब हम आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव को किस नजरिए से देखते हैं इसका फैसला अब हमारा ही होगा।
*👉🙏जुन्नारदेव को जिला बनाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई जाए* ---- क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी विधानसभा जुन्नारदेव को भौगोलिक दृष्टि के साथ-साथ अन्य सभी दृष्टिकोण से जुन्नारदेव जिला बनने की सभी औपचारिकताएं पूर्ण करता है, ऐसे में हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि जुन्नारदेव क्षेत्र को जिला बनाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई जाए जिससे क्षेत्र का विकास संभव हो सके वैसे देखा जाए तो इसके लिए समय-समय पर अनेकों राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा प्रयास भी किए गए हैं जो नाकाफी है अब चाहिए कि यह मुद्दा चुनावी मुद्दा बनकर सामने आए जिससे इस क्षेत्र की जनता को सही न्याय मिल सके, फिलहाल अनेकों राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठन इस मुहिम को अमलीजामा पहनाने में लगे हुए हैं यदि समय रहते क्षेत्रवासियों की इस मांग को पूरा किया गया तो निश्चित ही क्षेत्र का विकास संभव है अन्यथा हम और हमारी आने वाली पीढ़ी बुरी तरह गर्त में जाने को तैयार है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण क्षेत्रवासियों का पलायन और उजड़ता जुन्नारदेव क्षेत्र को देखकर लगाया जा सकता है।

