छिंदवाड़ा में पूरी गरिमा और सम्मान के साथ विदा किए जाते हैं गणपति

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श्री गणेश की प्रतिमा विसर्जन के लिए यहां की जाती हैं विशेष व्यवस्थाएं

छिंदवाड़ा में पूरी गरिमा और सम्मान के साथ विदा किए जाते हैं गणपति
छिंदवाड़ा में गणेश उत्सव पूरी धूमधाम और भक्तिभाव से मनाया जाता है। यहां गणेश चतुर्थी को जितने आदर और सम्मान से श्री गणपति विराजे जाते हैं, उतने ही आदर, सम्मान और गरिमा के साथ उन्हें विदा भी किया जाता है। छिंदवाड़ा शहर में जिला प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड और नगरपालिक निगम द्वारा तीन स्थानों कुलबेहरा नदी, छोटा तालाब और बोदरी नदी पर विसर्जन स्थल बनाया जाता है। कुलबहरा नदी और छोटा तालाब में श्री गणपति की छोटी प्रतिमाओं के साथ ही बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन की विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं। कलेक्टर श्री मनोज पुष्प के निर्देशन में जिला प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड और नगरपालिक निगम की टीम पूरे समय मुस्तैद रहकर क्रेन के माध्यम से श्री गणपति की गरिमापूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से विदाई कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। क्रेन के सिरे पर एक सुसज्जित मैकेनिकल मंच बनाया जाता है। विदाई के पूर्व श्री गणपति की आरती के उपरांत सभी अगले बरस उनसे जल्दी आने की प्रार्थना करते हैं और अपनी मनोकामनाएं उनके कानों में पूरे भरोसे के साथ कहते हैं। फिर पुष्प वर्षा, रंग गुलाल और रंगीन रोशनी के बीच श्री गणपति को क्रेन में बने सुस्सजित मैकेनिकल मंच में बैठाया जाता है और गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ...के नारों के बीच श्री गणपति को निगम के कर्मचारी क्रेन के माध्यम से ससम्मान उन्हें नदी के जल में विसर्जित करते हैं। आमजन की सुरक्षा के लिए और श्री गणपति की इस अनूठी और गरिमापूर्ण विदाई के लिए यह सम्पूर्ण व्यवस्था बनाई जाती है।

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