छिंदवाड़ा। शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) छिंदवाड़ा ने चलित ट्रेनों में ट्रॉली बैग की चेन खोलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी और मोबाइल फोन सहित कुल 19,700 रुपये का मशरूका बरामद किया है।
ट्रेन में चेन खोलकर उड़ाया ज्वेलरी बॉक्स
मामला 14 फरवरी 2026 का है। भीमगढ़ कॉलोनी, थाना छपरा, जिला सिवनी निवासी 45 वर्षीय ममता साहू छिंदवाड़ा से सिवनी की यात्रा ट्रेन क्रमांक 58823 छिंदवाड़ा-नैनपुर पैसेंजर के जनरल कोच में कर रही थीं। यात्रा के दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनके ट्रॉली बैग की चेन खोलकर ज्वेलरी बॉक्स चोरी कर लिया। बॉक्स में करीब डेढ़ तोला वजनी सोने का हार रखा था, जिसकी कीमत लगभग 45 हजार रुपये बताई गई।
पीड़िता की शिकायत पर जीआरपी छिंदवाड़ा ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला गिरोह का राज
रेल पुलिस जबलपुर के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर 24 फरवरी को पांच आरोपियों—भूरे खान (अलीगढ़), देवेन्द्र (फिरोजाबाद), प्रेमदास (हाथरस), संत सिंह (आगरा) और हुदेश कुमार (एटा)—को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का सोने का हार अपने मुख्य सरगना जुगेंद्र जाटव को देने की बात कबूली। इसके बाद 27 फरवरी को जुगेंद्र जाटव (फिरोजाबाद) को गिरफ्तार किया गया। उसने हार अपने परिचित मोहनलाल जाटव (एटा) को बेचने के लिए देना स्वीकार किया। 2 मार्च को मोहनलाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
नकदी और 6 मोबाइल जब्त
पुलिस ने जुगेंद्र के कब्जे से 7,600 रुपये, मोहनलाल से 4,000 रुपये तथा अन्य आरोपियों से कुल मिलाकर 19,700 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा तीन कीपैड और तीन टच मोबाइल (कुल छह मोबाइल, कीमत लगभग 45 हजार रुपये) जब्त किए गए।
कई राज्यों में दर्ज हैं अपराध
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में चोरी, लूट, हत्या, मारपीट और अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। गिरोह चलती ट्रेनों में सफर कर यात्रियों के बैग की चेन खोलकर कीमती सामान पार करने में माहिर बताया जा रहा है।
टीम को मिली सराहना
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अरुणा वाहने, उप निरीक्षक आर.एल. उइके, प्रधान आरक्षक सागर उपाध्याय, साइबर सेल जबलपुर की टीम तथा आरपीएफ स्टाफ की विशेष भूमिका रही।
जीआरपी की इस सफलता से रेल यात्रियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है, वहीं पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी पड़ताल कर रही है।
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