छिन्दवाड़ा/13 दिसंबर 2023/ कलेक्टर श्री मनोज पुष्प की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री पार्थ जैसवाल, अतिरिक्त कलेक्टर श्री के.सी.बोपचे, सहायक कलेक्टर सुश्री वैशाली जैन व सुश्री तनुश्री मीणा, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री मनोज बघेल, जल जीवन मिशन के महाप्रबंधक श्री सतीश गुप्ता व उप महाप्रबंधक श्री बसंत कुमार बेलवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक यंत्री व उप यंत्री और अन्य संबंधित अधिकारी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उपस्थित थे, जबकि सभी एसडीएम और खंड स्तरीय अधिकारी वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुये ।
बैठक में कलेक्टर श्री पुष्प ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुये सभी एसडीएम और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देश दिये कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजनाओं की मैदानी स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग करें और बैठक लेकर प्रगति व योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करें । साथ ही मैदानी स्तर पर आईसी एक्टीविटी की जानकारी भी प्राप्त करें। इन योजनाओं में आने वाली समस्याओं को दूर करने में विभागीय अधिकारियों को सहयोग भी प्रदान करें। उन्होंने निर्देश दिये कि जनपद पंचायत स्तर पर प्रगति की समीक्षा के साथ ही जिला स्तर पर प्रत्येक टीएल में समीक्षा के लिये स्टेट्स रिपोर्ट भी भेजें ताकि मैदानी स्तर पर योजनाओं में प्रगति आ सके और लोगों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके । उन्होंने निर्देश दिये कि मॉनिटरिंग के दौरान नल-जल योजना कैसी चल रही है, कब से बंद है, बंद होने का कारण क्या है, कितने दिनों में बंद योजना को ठीक कर पुन: चालू किया गया है, योजना का संधारण किस तरह किया जा रहा है, कर संग्रहण की स्थिति क्या है, पेयजल वितरण और पेयजल की गुणवत्ता की स्थिति क्या है आदि सभी बिन्दुओं का आकलन करें । उन्होंने विकासखंडवार और उपयंत्रीवार नल-जल योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये । उन्होंने निर्देश दिये कि पानी का सोर्स उपलब्ध होने पर ही योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ करें और पानी के सोर्स के अभाव में अप्रारंभ कार्यो को निरस्त कर जहां पानी का सोर्स मिले, वहां योजना स्वीकृत करायें। उन्होंने जल जीवन मिशन द्वारा संचालित समूह जल प्रदाय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की और माचागोरा समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यो की विस्तृत जानकारी का ब्लू प्रिंट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये और प्रत्येक 15 दिवस में इस योजना की प्रगति की समीक्षा करने के लिये कहा । उन्होंने अन्य विभागों से अनुमति के संबंध में जानकारी प्राप्त की और किसी विभाग से कोई अनुमति लंबित होने पर तत्काल संज्ञान में लाने के निर्देश दिये।
बैठक में कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री बघेल ने बताया कि जिले में 1538 नल-जल योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसमें से 97 नल-जल योजनायें मैकेनिकल डिवीजन द्वारा संचालित की जा रही हैं । स्वीकृत योजनाओं में से अभी तक 375 योजनायें पूर्ण हो चुकी है, 714 योजनायें प्रगतिरत है, 328 योजनायें अप्रारंभ हैं एवं शेष योजनाओं में आगामी कार्यवाही की जा रही है। पूर्ण योजनाओं से 130421 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय कर पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जल जीवन मिशन के महाप्रबंधक श्री गुप्ता व उप महाप्रबंधक श्री बेलवंशी ने बताया कि जल निगम द्वारा 2 योजनायें संचालित की जा रही हैं जिसमें से जिले के मोहखेड़ विकासखंड में 54.89 करोड़ रूपये लागत की मोहखेड़ समूह जल प्रदाय योजना का कार्य मार्च 2018 में पूर्ण हो चुका है । इस योजना से सभी 29 ग्रामों में नियमित रूप से जल प्रदाय किया जा रहा है और जल कर की 90 प्रतिशत से अधिक वसूली की जा रही है जिस पर कलेक्टर द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गई। जल निगम की दूसरी योजना जिले के चौरई विकासखंड में 848.29 करोड़ रूपये की लागत से माचागोरा समूह जल प्रदाय योजना का कार्य मार्च 2023 से प्रारम्भ हुआ है जिसे पूर्ण करने की अवधि 24 माह अर्थात मार्च 2025 निर्धारित है। इस योजना के अंतर्गत कुल 722 ग्रामों को शुध्द पेयजल प्रदाय किया जाना है जिसमें से जल निगम द्वारा 216 ग्रामों में पूर्ण कार्य किया जायेगा व शेष 506 ग्रामों में बल्क सप्लाई दी जायेगी। योजना के अंतर्गत वर्तमान में 15.22 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है व शेष कार्य प्रगति पर है। इस योजना के अंतर्गत इंटेक वेल के निर्माण के लिये स्थल का चयन कर डिज़ाइन व ड्राइंग अनुमोदन की कार्यवाही की जा रही है और जल शोधन संयंत्र, उच्च स्तरीय टंकियों, जल वितरण पाइप बिछाने का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। क्लियर वाटर पम्पिंग एवं ग्रैविटी मेन का लगभग 15 प्रतिशत पाइप प्राप्त हो चुका है व डिज़ाइन एवं ड्राइंग अनुमोदन का कार्य प्रक्रियाधीन है।

