और कार्यवाही के लिये धारा 144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश पारित
छिन्दवाड़ा /राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा धार्मिक स्थलों व अन्य स्थानों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित व नियम विरूध्द प्रयोग पर नियंत्रण और कार्यवाही के दिशा निर्देशों तथा निकट भविष्य में विद्यार्थियों की परीक्षाओं के दृष्टिगत कोलाहल पर नियंत्रण लगाये जाने के लिये कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मनोज पुष्प द्वारा म.प्र.कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-10 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये दल प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत छिंदवाड़ा जिल की संपूर्ण राजस्व सीमाओं में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किये गये हैं जो आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेंगे। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूध्द म.प्र.कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 15 और भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी ।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री पुष्प द्वारा पारित आदेश के अंतर्गत जिला छिंदवाड़ा के सभी अनुविभागों और तहसील क्षेत्रों के कार्यपालिक दण्डाधिकारियों की पूर्व लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर, डीजे, एम्पलीफायर आदि किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक या प्रसारक यंत्रों के उपयोग पर और सार्वजनिक स्थानों पर ऊंचे वॉल्यूम पर रेडियो, ट्रांजिस्टर, टेप रिकॉर्डर आदि बजाने पर प्रतिबंध रहेगा । उन्होंने सभी कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि अपने अनुमति आदेश में शासन के दिशा निर्देशों में उल्लेखित क्षेत्रवार दिन और रात्रि के समय ध्वनि के डेसीबल की निर्धारित सीमा का अनिवार्य रूप से उल्लेख करें। यह आदेश आम जनता को संबोधित है और वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां नहीं हैं और न ही यह संभव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति को दी जाये, इसलिये यह आदेश एकपक्षीय पारित किया गया है ।

