किसान मायूस खरबूजे की फसल बर्बाद बोई हुई दूसरी फसल से लागत भी निकलना हुआ मुश्किल

किसान मायूस खरबूजे की फसल बर्बाद 

बोई हुई दूसरी फसल से लागत भी निकलना हुआ मुश्किल 
किसान मायूस खरबूजे की फसल बर्बाद   बोई हुई दूसरी फसल से लागत भी निकलना हुआ मुश्किल
संतरांचल क्षेत्र के बीच में बहने वाली कन्हान नदी में बीमार समुदाय के लोगों द्वारा सालों से गर्मी के मौसम में खरबूजे का उत्पादन किया जाता है। लेकिन रेत-खनन माफिया के कारण खरबूजे की फसल बर्बाद हो रहे हैं।जिस कारण इस बार बोई हुई फसलों का लागत भी निकलना मुश्किल हुआ। एक और सौसर का संतरा चर्चित क्षेत्र के नाम से पहचाना जाता है । वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में खरबूजे की फसल भी भारी मात्रा में निकलती थी। लेकिन इस बार खरबूजे की फसल कम मात्रा में निकली जिससे क्षेत्र के बहार खरबूजे लोगों तक नहीं पहुंच पाए। क्षेत्र में इस वर्ष ढीमर समुदाय के लोगों ने खरबूजे का फसल दोबारा बुआई करनी पड़ी। किसान ने बताया कि इस वर्ष हमें दोबारा फसल बुआई करना पड़ा। वहीं निकली दुसरी फसल में भी लागत निकलना मुश्किल हो गया है। इस वर्ष भारी नुकसान में रहे हैं ऐसे में भी अभी हम आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। वहीं अभी तक फसल समाप्त होने पर आती थी। लेकिन अभी तक निकल रही है। प्रशासन को सर्वे कर हमें मुआवजा दिलाना चाहिए

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ