विश्व आदिवासी (मूल निवासी) 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पहली बार मनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी जनजाति को उनके अधिकार, संस्कृति, कला, जीवन शैली, वेशभूषा को प्रोत्साहित करना है।
एच.सी.एल. फाउंडेशन और अंडर दी मैंगो ट्री सोसायटी के संयुक्त प्रयास से आदिवासी समुदाय के विकास हेतु छिंदवाड़ा जिले के 17 आदिवासी ग्रामों मे 5 वर्षों से कार्यरत है। जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका संवर्धन करना है, जिसमें मधुमक्खी पालन, फलदार वृक्षों का रोपन एवं जैविक खेती की गतिविधियां संचालित है।
परियोजना से जुड़े सभी 17 गांव के मास्टर ट्रेनरो एवं किसानों ने ग्राम कंगला में बिरसा मुंडा और रानी दुर्गावती की पूजा अर्चना कर जागरूकता रैली निकाली गई !
इस पर्यावरणीय परियोजना का संचालन संस्था की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सूजना कृष्णमूर्ति, प्रोग्राम लीडर धारा पटेल, प्रोग्राम ऑफिसर - ओमप्रकाश पाठे, रेशमलाल डहेरिया, संजीव यदुवंशी, महेश यदुवंशी, करणराज भोपा, ईतमन एवं सभी ग्राम स्तर के मास्टर ट्रेनर एवं तकनीकी सहयोगियों की भूमिका से संचालित है।

