बैतूल/बालाघाट।
महाबोधि महाविहार, बोधगया को गैर-बौद्धों के कब्जे से मुक्त कराने के उद्देश्य से महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन की शुरुआत की गई है। परम पूज्य भदंत धम्मशिखर जी के नेतृत्व में निकली शांति मशाल धम्म यात्रा महू (इंदौर) से प्रारंभ होकर दीक्षाभूमि, नागपुर तक पहुँचेगी।
20 अगस्त 2025 को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जन्मस्थली महू से निकली यह यात्रा आजादी और समानता का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। इसका भव्य समापन 15 सितंबर 2025 को ऐतिहासिक दीक्षाभूमि, नागपुर में होगा।
शनिवार 6 सितंबर को यात्रा मलाजखंड, बिरसा, सालेटेकरी, लांजी, भानेगांव, किरनापुर होते हुए पाला पहुँची। यहाँ हजारों की संख्या में बौद्ध उपासक-उपासिकाएँ यात्रा में शामिल हुईं। लोगों ने पुष्पवर्षा कर पूज्य भदंत धम्मशिखर जी का भव्य स्वागत किया और आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
यात्रा का नेतृत्व कर रहे पूज्य भदंत धम्मशिखर जी ने कहा –
“महाबोधि महाविहार, बोधगया बौद्धों की आस्था और धरोहर का केंद्र है। इसे गैर-बौद्धों के कब्जे से मुक्त कराना ही इस आंदोलन का संकल्प है।”
इस ऐतिहासिक धम्म यात्रा को लेकर समाज में व्यापक उत्साह और जागरूकता का माहौल बना हुआ है।
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