हाई रिस्क महिला की सफलतापूर्वक कराई नॉर्मल डिलीवरी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव में एक गर्भवती माता ने चार बच्चे को जन्म दिया
जुन्नारदेव ----- डॉक्टर को ईश्वर का दूसरा रूप कहा जाता है इस कहावत को पूरी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव के स्टाफ ने साबित कर दिखाया है। जहां पर सोमवार 22 दिसंबर को अति गंभीर स्थिति में ग्राम रोरा ढेकनी माल निवासी गर्भवती महिला गुनों पति जगर सिंह को प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव लाया गया था, महिला की स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ द्वारा तत्काल उसे भर्ती किया गया। स्थिति अति गंभीर रेफर की न होने के चलते स्टाफ द्वारा निर्णय लिया गया कि महिला की डिलीवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव में ही कराई जाए, क्योंकि महिला छिंदवाड़ा तक पहुंचने की कंडीशन में नहीं थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ में सीनियर नर्स पूजा सोनी सहित उनके सहयोगी स्टाफ नर्स मोनिका दास एवं सुषमा आहके द्वारा अपनी सूझबूझ और अनुभव के आधार पर महिला की डिलीवरी कराई गई जहां पर महिला ने 03 बालिका एवं 01 बालक 04 जीवित बच्चों को जन्म दिया और महिला की स्थिति भी खतरे के बाहर थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव के नर्सिंग स्टाफ की इस उपलब्धि के बाद उनकी सर्वत्र सराहना की जा रही है, जहां पर जुन्नारदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहली बार 04 जीवित बच्चों की डिलीवरी करा कर उन्होंने न सिर्फ एक कीर्तिमान रचा बल्कि मां और बच्चों को सुरक्षित जीवन भी दिया है।
छठवें माह में स्थिति गंभीर होने पर कराई गई डिलीवरी ----- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव में जब गर्भवती महिला को लाया गया तब गर्भधारण के 06 माह ही पूर्ण हुए थे, ऐसी स्थिति में गर्भवती महिला का प्रसव कराना एक चुनौती से कम नहीं था क्योंकि बच्चे भी 26 सप्ताह में पूरी ग्रोथ नहीं कर पाए थे। महिला की गंभीर अवस्था को देखते हुऐ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नर्सिंग स्टाफ द्वारा सीनियर नर्स पूजा सोनी के कुशल नेतृत्व में महिला का प्रसव कराने का निर्णय लिया गया और सुरक्षित प्रसव कराकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव के इतिहास में अपना नाम लिख दिया गया है।
वेंटिलेटर उपलब्ध न होने पर बच्चों को किया गया छिंदवाड़ा रेफर ----- छठवें माह में जन्म लिए हुए बच्चे शारीरिक रूप से काफी कमजोर थे इस स्थिति में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध न होने के चलते डॉक्टर एवं नर्सों की टीम द्वारा एंबुलेंस की सहायता से बच्चों को छिंदवाड़ा रेफर किया। वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव के ब्लॉक मेडिकल अधिकारी सुरेश नागवंशी का कहना है कि बच्चों को एसएनसीयू यूनिट छिंदवाड़ा में शिशु रोग विशेषज्ञ की देखरेख में रखकर विशेष देखभाल की जाएगी, जिससे बच्चों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
बच्चों का वजन अत्यधिक कम होने पर बना हुआ है खतरा ---- छठवें माह में जन्म लिए हुए बच्चों की ग्रोथ कमजोर होने के साथ-साथ पहला बच्चा लड़की 600 ग्राम, दूसरा बच्चा लड़की 600 ग्राम, तीसरा बच्चा लड़की 550 ग्राम एवं चौथा बच्चा लड़का 400 ग्राम वजन के पैदा हुए हैं। बच्चों का वजन कम होने और छठवें माह में डिलीवरी हो जाने के चलते बच्चों को खतरा बना होने की बात भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ द्वारा कही गई है। दो बच्ची लगभग सुरक्षित अवस्था में है और एक बच्चा और एक बच्ची कम वजन होने के चलते खतरे की स्थिति में है जहां पर जिला चिकित्सालय में उन्हें सही उपचार मिलने की बात भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ द्वारा कही गई है।
पूरे प्रकरण में इनकी रही अहम भूमिका ----- जहां अति गंभीर मामले में महिला को रेफर किए जाने पर स्थिति बिगड़ने का अंदेशा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव ने मानवता के साथ-साथ अपने डॉक्टरी पैसे का निर्वहन पूरी तन्मयता और ईमानदारी के साथ करते हुए जुन्नारदेव के इतिहास में एक कीर्तिमान रचा है इसमें मुख्य रूप से ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर सुरेश नागवंशी, डॉ रोमा मूलचंदानी, प्रसव की बागडोर अपने हाथ में लेने वाली सीनियर नर्स पूजा सोनी, सहयोगी स्टाफ नर्स मोनिका दास एवं सुषमा के का इस दौरान विशेष योगदान रहा। सकुशल प्रसव के बाद अब भगवान से प्रार्थना की जा रही है कि चारों बच्चे सकुशल रहे और अपना जीवन आनंद से जिए।

