भोपाल।स्कूलों में नामांकन दर बढ़ाने और ड्रॉपआउट को कम करने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये गये ठोस प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा एक में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वहीं प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर घटकर शून्य हो गई है। वे सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार, भोपाल में विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री सिंह ने बताया कि इस वर्ष पहली बार ‘प्रवेशोत्सव’ अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही प्रारंभ किया गया, जिससे समय पर नामांकन सुनिश्चित हो सका। कक्षा 1, 6 और 9 की प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही बच्चों को पाठ्य पुस्तकें, गणवेश और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षा के परिणाम भी मार्च माह में घोषित कर दिये गये, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में कक्षा एक में कुल नामांकन पिछले वर्ष की तुलना में 19.6 प्रतिशत और शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत बढ़ा है। समग्र आईडी के माध्यम से 90 प्रतिशत बच्चों की ट्रैकिंग पूरी की जा चुकी है। निजी विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र परिवारों के लगभग 8.50 लाख बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से की गई।
मंत्री ने कहा कि 30 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। वर्तमान में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं और पहली बार 1 जुलाई को ही अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था पूरी कर ली गई। शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में 20 हजार से अधिक अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया।
छात्र प्रोत्साहन योजनाओं के तहत 94 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लैपटॉप और 7,800 छात्रों को स्कूटी वितरित की गई। साइकिल वितरण भी पहली बार अगस्त में ही पूरा कर लिया गया। छात्रवृत्ति, गणवेश, छात्रावास तथा छात्राओं के स्वच्छता एवं हाइजीन के लिये डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित की गई।
मंत्री सिंह ने बताया कि प्रदेश के 275 सांदीपनि और 799 पीएमश्री विद्यालयों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। 3,367 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा संचालित है और इन पाठ्यक्रमों में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 6 लाख तक पहुंच गई है। बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
परिवहन विभाग की उपलब्धियां
परिवहन मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां परिवहन विभाग की सभी सेवाएं पूरी तरह फेसलेस रूप में उपलब्ध कराई जा रही हैं। वाहन एवं सारथी पोर्टल के माध्यम से परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य सेवाएं दी जा रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिये मोटरयान कर में पूर्ण छूट, सीएनजी वाहनों पर कर में छूट तथा पुराने वाहन स्क्रैप करने पर नए वाहन की खरीद में 50 प्रतिशत तक की राहत दी जा रही है।
प्रदेश में 16 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन संचालित किये जा रहे हैं और बस परिवहन के लिये नई योजनाओं पर कार्य जारी है। आने वाले समय में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से प्रदेश की सभी बसों की मॉनिटरिंग की जाएगी।
पत्रकार वार्ता में स्कूल शिक्षा और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

