छिंदवाड़ा, 21 मई 2026 आयुष विभाग छिंदवाड़ा एवं आरोग्य भारती, महाकौशल प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आज जिला अस्पताल स्थित आयुष विंग में “नव दंपत्ति संगोष्ठी एवं गर्भ संस्कार कार्यक्रम” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। पुष्य नक्षत्र के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भ संस्कार के माध्यम से स्वस्थ, तेजस्वी एवं संस्कारित संतति का निर्माण करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नव दंपत्ति, गर्भवती महिलाएं एवं आमजन उपस्थित रहे और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली के प्रति जागरूक हुए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को डॉ. नितिन टेकरे आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी प्रभारी आयुष विंग द्वारा निःशुल्क स्वर्णप्राशन संस्कार कराया गया,जिसने लगभग 123 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया । जिससे अभिभावकों में विशेष उत्साह देखा गया।
वहीं गर्भवती महिलाओं को सुप्रजा संस्कार के अंतर्गत विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अतिथियों के विचार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अशोक वार्ष्णेय जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण शैली है। गर्भ संस्कार के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बना सकते हैं।” डॉ. कृष्णा हरजानी ने कहा कि “संस्कारित एवं स्वस्थ संतति ही एक सशक्त समाज की नींव है। ऐसे कार्यक्रमों से परिवारों में जागरूकता बढ़ती है।” जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर ने अपने संबोधन में कहा कि “आयुष विभाग का प्रयास है कि आयुर्वेद की पहुंच हर घर तक हो तथा गर्भावस्था से ही स्वास्थ्य की मजबूत नींव रखी जा सके।”
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. रश्मि नेमा ने गर्भ संस्कार विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि
“गर्भावस्था के दौरान माता का आहार, विचार एवं व्यवहार सीधे शिशु के विकास को प्रभावित करता है। योग, ध्यान एवं आयुर्वेदिक दिनचर्या अपनाकर स्वस्थ एवं बुद्धिमान संतति का निर्माण संभव है।”
आयोजन में सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कार्यकर्म अध्यक्ष डॉ संध्या नेमा, मार्गदर्शक भोलेनाथ जी, जिलाध्यक्ष डॉ. हितेश मिश्रा, डॉ. नवीन मालवीय, डॉ. दीप सिंह मालवीय, डॉ. पवन नेमा, डॉ दिलीप खरे, डॉ अशोक नागदेव एवं श्री हेमंत महोरे का विशेष योगदान रहा ।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा यह संकल्प लिया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज में स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण को बल मिल सके।
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