आपातकाल के 51वें वर्ष पर भाजपा की जिला संगोष्ठी, लोकतंत्र सेनानियों का हुआ सम्मानसिवनी



सच की आंखें सिवनी 25 जून 2026-  कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल के 51वें वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिला भाजपा कार्यालय में जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों का अतिथियों द्वारा साल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान आपातकाल की विभीषिका पर केंद्रित संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें वक्ताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया।

जिला मीडिया विभाग की ओर से मनोज मर्दन त्रिवेदी ने बताया कि संगोष्ठी की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन ने की। कार्यक्रम में सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन, पूर्व सांसद एवं प्रदेश कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य डॉ. ढालसिंह बिसेन, पूर्व सांसद एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीमती नीता पटेरिया, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं कटनी जिला प्रभारी सुजीत जैन, जिला महामंत्री संतोष अग्रवाल, गजानंद पंचेश्वर एवं मुकेश बघेल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार था : राजेश उपाध्याय

लोकतंत्र सेनानी राजेश उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाया गया आपातकाल भारतीय इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक था। उस दौर में पूरे देश में अराजकता का माहौल था। निर्दोष लोगों को बिना कारण जेलों में डाल दिया गया और उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं। कई परिवार पूरी तरह उजड़ गए। स्थिति यह थी कि पूरा भारत एक अघोषित जेल में तब्दील हो गया था। उन्होंने बताया कि उस कठिन समय में अनेक लोगों ने जेल में बंद लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों की सहायता कर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिये आपातकाल की इस घटना से हर युवा को परिचित करना चाहिये

सेनानियों के त्याग से खड़ी है भाजपा : मीना बिसेन

भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के त्याग, संघर्ष और तपस्या के कारण ही आज केंद्र सहित विभिन्न राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को 11 से 19 माह तक जेलों में बंद रखकर प्रताडि़त किया। यदि उस समय लोकतंत्र के इन प्रहरियों ने संघर्ष का मार्ग न चुना होता तो आज भाजपा इस स्थिति में नहीं होती। उन्होंने बताया कि उनके पिता भी आपातकाल के दौरान जेल में बंद रहे और उस समय उनके परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

नई पीढ़ी को आपातकाल का इतिहास जानना चाहिए : दिनेश राय मुनमुन

सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर लगाया गया सबसे बड़ा प्रहार था। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को आपातकाल के काले अध्याय और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए संघर्षों की जानकारी दी जानी चाहिए।

लोकतंत्र की रक्षा का संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा : डॉ. ढालसिंह बिसेन

पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन किया गया था। लोकतंत्र सेनानियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष जारी रखा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष देश के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।

सेनानियों का समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा : नीता पटेरिया

पूर्व सांसद श्रीमती नीता पटेरिया ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और समर्पण आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि आपातकाल की घटनाएं हमें संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के महत्व का संदेश देती हैं।

लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है भाजपा : सुजीत जैन

प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं कटनी जिला प्रभारी सुजीत जैन ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रहित और संविधान की भावना के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रही है तथा युवा पीढ़ी को भी इन आदर्शों से जोडऩे का कार्य कर रही है।

कार्यक्रम का संचालन भाजपा दक्षिण मंडल अध्यक्ष अभिषेक दुबे ने किया।

इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी संतोष कठल, सुभाष नंदनवार, कृष्णा साहू, नागेंद्र सिंह राजपूत, सुनील कुमार लुथरा, राजकुमार अग्रवाल, गनपत सिंह बेसले, सुरेश चंद्र अग्रवाल, मोहन साहू, दिनेश लुथरा सहित दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संयोजक मीडिया विभाग के मनोज मर्दन त्रिवेदी एवं तरुण मुनिया टांक सहित जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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