पवन और पुनीत नेमा दोषमुक्त : धारा 498 ए का दुरुपयोग करने वाली महिला के बयानों पर न्यायालय ने नहीं किया भरोसा।

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पवन और पुनीत नेमा दोषमुक्त : धारा 498 ए का दुरुपयोग करने वाली महिला के बयानों पर न्यायालय ने नहीं किया भरोसा।
 न्यायालय माननीय सत्र न्यायाधीश अमरवाड़ा श्रीमान अजय नील करोटिया द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 44/ 2018
शासन विरुद्ध पुनीत वगैरा धारा 498a 323 341/ 34 भारतीय संविधान के तहत आरोपी गणों को दोषमुक्त किया गया ।
आरोपी गण के अधिवक्ता श्री राजेंद्र नेमा अमरवाड़ा द्वारा बताया गया कि वर्ष 2018 में  शारदा नेमा द्वारा अपने पति पवन नेमा तथा देवर पुनीत पिता रामसहाय नेमा के विरुद्ध आरक्षी केंद्र हर्रई में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे दहेज के लिए पति और देवर मारपीट करते हैं तथा उसे पानी में फिनाइल मिलाकर जहर देकर हत्या करने का प्रयास किया गया।
विचारण के दौरान पीड़िता शारदा नेमा तथा गवाह लक्ष्मी गुप्ता  अनिल गुप्ता डॉ नितिन थाना के तत्कालीन सहायक उपनिरीक्षक  हीरालाल हर्रई थाना के तत्कालीन उपनिरीक्षक  बलवंत तेकाम तथा मृत्यु कालीक कथन लेने वाले नरसिंहपुर के तहसीलदार  विवेक व्यास के बयान परीक्षण प्रति परीक्षण न्यायालय में हुआ था।
न्यायालय में यह पाया गया कि पीड़िता ने बार-बार अपने बयान बदले हैं, इस कारण उसके बयानों पर भरोसा नहीं किया गया । यह पाया गया कि पीड़िता द्वारा बार-बार बयान बदलने से उसका पक्ष संदेहास्पद हो गया है। आरोपी गण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता  राजेंद्र नेमा  मुकेश चौकसे  प्रकाश वर्मा  डीसी चंद्रवंशी श्री दुर्गेश वर्मा अधिवक्ता गणों द्वारा पैरवी की गई।
न्यायालय में उपस्थित आरोपी गणों द्वारा न्याय व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए दोषमुक्त होने पर खुशी जाहिर की। उल्लेखनीय है कि आरोपी के विरुद्ध यह डांडिक प्रकरण 2018 से लंबित था जिसे आज माननीय न्यायालय द्वारा निर्णय कर आरोपी गणों को न्याय प्रदान किया गया ।

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