जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक संपन्न

वर्ष 2022-23 में रबी सिंचाई के लिए जलाशयों से 89416 हेक्टेयर के लक्ष्य का निर्धारण

कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के जलाशयों में वास्तविक जल भराव की स्थिति के अनुसार वर्ष 2022-23 में रबी सिंचाई के लिए समिति के सदस्यों से चर्चा के उपरांत 89416 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साथ ही बेहतर सिंचाई व्यवस्था के लिए समिति के सदस्यों से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर सुझाव लिए गए और सुझाव के अनुसार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना,  विधायक चौरई श्री सुजीत चौधरी व विधायक जुन्नारदेव श्री सुनील उईके व जिले के उन्नत कृषक श्री दौलत सिंह ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, समिति के सदस्यगण, एडीएम श्री ओ.पी.सनोडिया, एसडीएम छिंदवाड़ा श्री अतुल सिंह, उप संचालक कृषि श्री जितेंद्र कुमार सिंह,  कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन नहर संभाग सिंगना श्री आर.के.भलावी व कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन बांध संभाग चौरई श्री एस.के.सिरसाम और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में जिला जल उपयोगिता समिति की सचिव एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग छिंदवाडा श्रीमती कुमकुम कौरव पटेल द्वारा जिले में सिंचाई जलाशयों की जानकारी प्रदाय की गई। समिति द्वारा जलाशयों से वर्ष 2022-23 के लिए रबी सिंचाई के लिए 89416 हेक्टेयर के लक्ष्य का निर्धारण किया गया है जिसमें पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना से 41713 हेक्टेयर, कन्हरगांव जलाशय मध्यम परियोजना से 3010 हेक्टेयर, लघु परियोजनाओं से 41198 हेक्टेयर और स्टापडेम/बैराज से 3495 हेक्टेयर का लक्ष्य शामिल है। बैठक में समिति के सदस्यों से चर्चा एवं सुझाव के उपरांत कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला जल उपयोगिता समिति श्री सुमन ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंच व्यपवर्तन परियोजना के दांई तट मुख्य नहर एवं बाई तट मुख्य नहर में जहां-जहाँ भी वर्षा के कारण कटाव हुआ है, उसे ठीक कराकर 25 नवंबर से कृषकों को पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें । पेंच व्यपवर्तन परियोजना की नहर कपूर्दा से कच्चाढाना के बीच 150 मीटर का सुधार कार्य कराकर पानी प्रदाय किया जाये। केकडा जलाशय, तिवड़ाकामथ जलाशय व पालामउ जलाशय से नहर के टेल तक पानी पहुंचाएं। मनरेगा योजना के अंतर्गत पूर्व से स्वीकृत नहरों का साफ-सफाई का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं। जिन जलाशयों की नहरों के लिए मनरेगा से स्वीकृति प्राप्त नहीं है, उनकी स्वीकृति प्राप्त करें। कन्हरगांव जलाशय के स्लूस गेट से पानी के सीपेज को रोकने की कार्यवाही करें । उन्होंने पुराने जलाशयों के बांध सुधार का कार्य और स्टॉप डेमों/बैराजों में गेट लगाने का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए हैं।

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