न्यायालय माननीय सत्र न्यायाधीश अमरवाड़ा अजय नील करोटिया द्वारा सत्र प्रथम क्रमांक 54/2017 मैं घोषित निर्णय दिनांक 20/10/ 2022 के अनुसार आरोपी बल्लू उर्फ बलराम पिता रामा गयारसिया निवासी रंगपुर तहसील अमरवाड़ा को धारा 376/ 342 /363/506 भारतीय दंड विधान के तहत अपराध से संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त घोषित किया। आरोपी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राजेंद्र नेमा एडवोकेट द्वारा बताया गया कि आरोपी पर आरोप था कि वह पीड़िता जब अपने मायके आई थी तब उसके साथ गलत काम किया और उसे अपहृत कर भोपाल ले गया और वहां भी उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस घटना की सूचना पीड़िता ने अपने मामा को फोन लगा कर दी तब उसके मामा बहन और भाई तथा पिता उसे लेने के लिए गए और भोपाल से अपने साथ लेकर आए इस घटना की रिपोर्ट पीड़िता द्वारा दिनांक 3 साथ 2017 को सिटी कोतवाली छिंदवाड़ा में दर्ज कराई सिटी कोतवाली छिंदवाड़ा द्वारा अपराध जांच हेतु थाना बटकाखापा भेजा गया आरोपी को दिनांक 6 साथ 2017 को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। तथा संपूर्ण जांच कर अभियोग पत्र विचारण हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया पीड़िता की ओर से अभियोजन साक्षी गण पीड़िता के परिजन मेडिकल करने वाले चिकित्सक डॉ नितिन, पुलिसकर्मी अनंती मर्सकोले ,थान सिंह धुर्वे, आरक्षक अनुकंपा, डॉक्टर श्रीमती रहमान, की और गिरफ्तारी के गवाह न्यायालय के समक्ष परीक्षित किए गए। माननीय न्यायालय के समक्ष अंतिम बहस प्रस्तुति के दौरान अधिवक्ता श्री राजेंद्र नेमा द्वारा आरोपी का पक्ष रखते हुए माननीय न्यायालय को अवगत कराया गया कि पीड़िता महत्वपूर्ण बिंदुओं पर झूठे कथन कर रही है और अन्य साक्षी गणों के कथन तथा पीड़िता के कथन में गंभीर विरोधाभास है। माननीय न्यायालय द्वारा घोषित निर्णय मैं यह निष्कर्ष दिया है कि पीड़िता के कथन साक्ष्य और प्रति परीक्षण की कसौटी पर विश्वास योग्य नहीं है। इन परिस्थितियों में आरोपी को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त किया गया न्यायालय में उपस्थित आरोपी बल्लू बलराम तथा उसके परिजनों ने न्यायालय के प्रति न्याय प्राप्त हो होने पर संतोष तथा खुशी व्यक्त की। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र नेमा तथा अधिवक्ता गण प्रकाश वर्मा डीसी चंद्रवंशी दुर्गेश वर्मा अधिवक्ता गणों ने पैरवी की।
हरिओम नेमा की रिपोर्ट


