महिला बाल विकास विभाग की सहायक संचालक डॉ.श्रीमती बिसेन ने कहा कि प्रोजेक्ट एंजल के अंतर्गत स्लम क्षेत्रों में आगामी समय में ऐसे और भी वाचनालय शुरू किये जायेंगे जिससे युवा पीढ़ी पुस्तकें पढ़ने के प्रति प्रेरित होती रहे । उन्होंने बताया कि पुस्तकों के माध्यम से नैतिक शिक्षा में इस बार आजादी का अमृत महोत्सव थीम को ध्यान में रखते हुए 1857 की क्रांति यात्रा, खुदीराम बोस, धरती है बलिदान की, विवेकानंद फॉर स्टुडेंट्स, महामानव विनोबा, बिरसा मुंडा, अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती, सुभाष चंद्र बोस जैसी पुस्तके शामिल की गई हैं। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता श्री महेंद्र खरे ने नैतिक शिक्षा के प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि वाचनालय व्दारा हम एक आदर्श नागरिक का निर्माण कर सकते हैं और जिस समाज में आदर्श नागरिक तैयार होते हैं, उस समाज में अपराध, नशा, दुराचार, पर्यावरण को नुकसान जैसी बातों का विचार नहीं होता है और ये समस्यायें स्वयं ही समाप्त हो जाती हैं। योगाचार्य व आयुर्वेदाचार्य डॉ.पवन नेमा ने कहा कि प्रोजेक्ट एंजल के अंतर्गत स्थापित किये गये इस वाचनालय से बच्चों का सर्वांगीण विकास जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर सुपरवाईजर श्रीमती कुनिका सक्सेना, आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती करूणा शर्मा, कविता बघेल, मीना मालवीय, सुनीता पिल्लेवार, रूपाली मंडराह आदि उपस्थित थीं।

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