ग्राम कामठी के श्री शैलेश भादे ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ ग्राम कामठी में रहते हैं। उनकी एक बेटी है जो कॉलेज में पढ़ती है और एक बेटा है जो कक्षा 11 में पढ़ता है। पहले मैं किराने का छोटा-मोटा व्यापार करता था, साथ ही खेती कर जैसे-तैसे अपने परिवार का भरण-पोषण करता था जिससे मुश्किल से मुझे लगभग 4-5 हजार रुपए की बचत हो पाती थी। कृषि संबंधी कार्य से मेरा आना-जाना ग्राम की भारतीय स्टेट बैंक शाखा में होता रहता है। इसी दौरान बैंक मैनेजर द्वारा मुझे मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के बारे में जानकारी दी गई और इसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। योजना में 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान एवं गारंटी फीस प्रतिपूर्ति की जानकारी प्राप्त होने पर मैंने एमपी ऑनलाइन के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन किया। ऑनलाइन आवेदन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में प्राप्त होने पर विभाग द्वारा भारतीय स्टेट बैंक की कामठी शाखा को कंस्ट्रक्शन मटेरियल के लिए 4.80 लाख रुपए का प्रकरण अनुशंसा कर ऑनलाइन भेजा गया। बैंक द्वारा प्रकरण स्वीकृति योग्य पाए जाने पर मुझे 4.80 लाख रुपया का ऋण प्राप्त हुआ। आज मैं स्वयं का कंस्ट्रक्शन मटेरियल का व्यवसाय सुचारू रूप से संचालित कर रहा हूं। अब मुझे कम से कम 20000 रुपए की मासिक बचत आराम से हो जाती है। इससे मेरे और परिवार के जीवन स्तर में काफी सुधार आया है और अब मैं अपने परिवार का भरण-पोषण पहले से बेहतर ढंग से कर पा रहा हूं। उन्होंने अन्य युवाओं से भी इस योजना का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की है

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