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कलेक्टर श्रीमती पटले ने बैठक में समीक्षा के दौरान मातृ स्वास्थ्य एवं शिशु स्वास्थ्य के अंतर्गत सभी सीजेरियन डिलेवरी पॉइट में सातों दिन 24 घंटे सेवायें उपलब्ध कराने के निर्देश देने के साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं का अर्ली पंजीयन, यू.पी.टी.टेस्ट, मॉडिरेट एवं सीवियर एनीमिया बी.पी.आदि की समय पर जॉच व उपचार प्रदान करने के निर्देश दिये । उन्होंने एनीमिक महिलाओं के कम चिन्हांकन एवं कम ब्लड ट्रांसफ्यूजन पर बी.एम.ओ.को सीवियर एनीमिक महिलाओं का चिन्हांकन कर इन महिलाओं का शत-प्रतिशत ब्लड ट्रांसफ्यूजन करने के निर्देश दिये । उन्होंने 4 ए.एन.सी.चेकअप में कम उपलब्धि पाये जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुये सभी बीएमओ को निर्देश दिये कि अपने विकासखंड की किसी एक ग्राम पंचायत को पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चयन करें और आशा कार्यकर्ता एवं ए.एन.एम. के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर उनकी जांच व उपचार करें तथा इस प्रोजेक्ट के बेहतर परिणामों के आधार पर अन्य ग्राम पंचायतों में भी यह कार्य करायें । उन्होंने टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत सभी जन्मे शिशुओं का जीरो डोज व पूर्ण टीकाकरण शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों द्वारा टीकाकरण और जीरो डोज का कार्य नहीं करने की जानकारी मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये सभी बीएमओ को निर्देश दिये कि जो कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर बेहतर स्वास्थ्य सेवायें देने के साथ ही टीकाकरण और जीरो डोज का कार्य नहीं कर रहे हैं, उनके विरूध्द कार्यवाही प्रस्तावित करें तथा यदि उन्हें प्रशिक्षण की आवश्यकता हो तो प्रशिक्षित भी करें । उन्होंने क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत केस डिटेक्शन व स्पुटम कलेक्शन का कार्य एएनएम व आशा कार्यकर्ता के माध्यम से कर शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिये ताकि वर्ष 2024 तक टी.बी.उन्मूलन का लक्ष्य हासिल हो सके । उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शून्य से 18 वर्ष तक आयु के बच्चों के कटे-फटे होंठ और अन्य दिव्यांगता की सर्जरी के प्रकरणों को चिन्हित कर उनका उपचार कराने और मान्यता प्राप्त अस्पताल में रैफर किये जाने के निर्देश दिये ।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती पटले ने सभी बी.एम.ओ. को निर्देश दिये कि एनसीडी प्रोग्राम के अंतर्गत बी.पी.एम.को फील्ड में भेजकर 30 वर्ष से ऊपर आयु वाले व्यक्तियों का हाईपरटेंशन, शुगर, बी.पी. आदि का लक्ष्य के अनुरूप चिन्हांकन कर उपचार करें, पोर्टल में एंट्री करायें और बी.पी.एम. की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट भेजे । इस कार्यक्रम के अंतर्गत समय सीमा में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करायें । उन्होंने निर्देश दिये कि सभी बीएमओ यह मॉनिटरिंग करे कि उनके क्षेत्र की सभी पीएससी और आरोग्य केन्द्र समय पर खुलें एवं चिकित्सक व अन्य कर्मचारी उपलब्ध रहें । उन्होंने राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की तथा जिन विकासखण्डों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कम उपलब्धि है, उनमें शीघ्र ही अपने लक्ष्य के अनुरूप समय सीमा में उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश बी.एम.ओ.को दिये । उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी निर्देश दिये कि सभी बी.एम.ओ.के लिये एक ओरियेंटेशन करायें जिससे वे योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन कर सकें । उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य कराये जाना सुनिश्चित करें ।
बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री सनोडिया द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि एनआरसी में कुपोषित बच्चों की भर्ती कराकर उनका उपचार करें । उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत आशा कार्यकताओं को निर्देशित करें कि वे इस योजना के आवेदन भरने में सहयोग करें जिससे शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति की जा सके । उन्होंने आंगनवाड़ी भवन निर्माण, मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना, समेकित बाल संरक्षण योजना, पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना आदि की प्रगति की भी समीक्षा की । बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रिछारिया, सहायक संचालक डॉ.श्रीमती बिसेन व डॉ.छेकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.चौरसिया, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.साहू, जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी व सभी बीएमओ ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की ।


