मोहनसुधा गौशाला फिर बनी चर्चा का विषय।
छिंदवाड़ा जिले के जनपद पंचायत परासिया से दिल दहला देने वाली ख़बर।
ग्राम पंचायत मोठार के ग्राम ढबेरा में संचालित प्रशासनिक मोहनसुधा गौशाला में गायों का बुरा हाल है!आए दिन गायों की मौत हो रही है!प्रशासन और अधिकारी गहरी निंद्रा में सोए हुए है।आपको बता दें कि मोहनसुधा गौशाला में गायों की देखरेख और चारा पानी की व्यवस्था इतनी बदहाल है कि देख आपकी रूह कांप जाएगी। न ही पंचायत सरपंच सचिव का इस ओर कोई ध्यान है और न ही जिम्मेदार ध्यान देना चाहते हैं।हिंदू धर्म में गाय को माता कहा जाता है वही मोठार में गायों की मृत्यु होने के बाद सरेआम जंगल में फेका जा रहा है।पंचायत सरपंच से बात करने के लिए उन्हें फोन भी किया गया लेकिन उन्होंने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा!जनपद सी ओ (मुख्य कार्यपालन अधिकारी)से फोन में जानकारी देते हुए गोसेवको के द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला!मिली जानकारी के अनुसार गोसेवको के द्वारा मृत गायों को जेसीबी से गड्ढा खोदकर विधिवत अंतिम संस्कार किया गया!अंतिम संस्कार में नीलेश साहू,दीपक बेलवंशी,दीपक उईके,सूरज नायक,पंकज आदि गौसेवको ने अपने स्वयं के खर्च पर नम आंखों से अंतिम संस्कार किया,और बताया कि गौशाला का संचालन पूर्व सरपंच प्रदीप राय की पत्नी ज्योति राय करती है इसलिए अधिकारियों का गौशाला की ओर कोई रुझान नही है!पंचायत सरपंच लक्ष्मी भलावी ने भी पल्ला झाड़ते कहा कि पंचायत इसमें कुछ नहीं कर सकती सिर्फ समूह जिम्मेदार है!गोसेवकों ने छिन्दवाड़ा कलेक्टर को लिखित शिकायत भी की है!

