अंचल के किसान खेती-किसानी की तैयारी में जुट गए हैं। अलसुबह खेतों में पहुंचकर खरपतवार निकालकर जला रहे हैं। दूसरी ओर सोसायटियों से ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। किसान ऋण के तौर पर नकद व खाद खरीदकर स्टाक कर रहे हैं। ताकि सीजन के मुख्य समय में किसानों को खाद के लिए भटकने की जरूरत न पड़े। जून माह के प्रथम सप्ताह से मौसम में परिवर्तन आना शुरू हो गया है।
बोरगांव के कृषक पाढुऱंग वडस्कर ने बताया कि 25 मई से रोहणी का समय शुरू हो जाता है और उसके बाद प्री मानसून की दस्तक के पहले किसान कृषि संसाधनो के माध्यम से अपने खेतों की हकाई में लग गए है। अचनाक होने वाली बारिश के बाद खेत गीले होने से खेतों की साफ सफाई ठीक से नहीं हो पाती है।
जिसके चलते कृषक प्री मानसून के पहले ही अपने खेत फसलों के लिए तैयार कर लेते है।
बारिश का दौर शुरू होगा वैसे ही किसान अपने खेतों में कपास बोवनी करने में जुट जायेंगे

