हर्रई विकासखंड की ग्राम पंचायत खिरदा का मामला !
बटकाखापा ---जिस उम्र में इनके हाथों में किताबें और पेन होना चाहिए, उस उम्र में इन बच्चों के हाथों में फावड़ा, कुदाल और मिट्टी से भरे तसले देकर मनरेगा में मजदूरी कराई जा रही है। ऐसे में एक तरफ जहां देश के नौनिहालों को शिक्षित करने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ यहां काम कराने के लिए नौनिहालों के भविष्य से खुले आम खिलवाड़ हो रहा है। हर्रई विकासखंड के खिरदा में सरकार द्वारा निर्धारित नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां नाबालिग बच्चों से मनरेगा योजना के तहत खिरदा के रानी टोला होने वाले तालाब निर्माण कार्य में काम कराया जा रहा है।
यहां का है पूरा मामला
यह मामला हर्रई विकासखंड में स्थित ग्राम पंचायत खिरदा का है। यहां मनरेगा योजना के तहत हो रहे तालाब निर्माण के काम में कई बच्चे काम कर रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारी से लेकर कार्य स्थल पर काम कराने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा इनकी अनदेखी की जा रही है। वैसे तो बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है,लेकिन यहां न तो काम कराने वालों को इसका डर है और न ही करने वालों को।
नौनिहालों के भविष्य से खुले आम खिलवाड़
मौके पर काम कर रहे हैं नाबालिक मजदूरों से जब इस संबंध में बातचीत की गई और उनसे पूछा गया कि क्या आपका जॉब कार्ड बना है। तो नाबालिग मजदूरों ने बताया कि उनका जॉब कार्ड नहीं बना हुआ है। फिर भी वह ऐसे में तलाव में निर्माण कार्य का काम कर रहे हैं।ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि मजदूरी कर रहे इन बच्चों का जब जॉब कार्ड ही नहीं बना तो इनका पैसा इनको कैसे मिल रहा है।
इनका कहना है
आपके द्वारा मुझे जानकारी प्राप्त हुई है। की नाबालिक बच्चों से काम करवाया जा रहा है इस मामले की जांच करवाता हूं।
मोहम्मद कुरेशी जनपद पंचायत हर्रई सीईओ

