"दास्तां खुशियों की" मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से ग्राम बसुरियाकला के श्री अमर धुर्वे बने मजदूर से मालिक


मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना राज्य शासन की एक ऐसी योजना है जिससे हितग्राही स्वयं का रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते जा रहे हैं । ऐसे ही एक हितग्राही ज़िले के विकासखंड हर्रई के ग्राम बसुरियाकला के श्री अमर धुर्वे पिता रतिराम धुर्वे है जिन्होंने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के माध्यम से ऋण प्राप्त कर अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर लिया है । इस रोजगार से उन्हें प्रतिमाह 7 हजार रूपये की आय प्राप्त हो रही है । मजदूर से मालिक बनने पर श्री अमर धुर्वे अत्यंत हर्षित है और अपने परिवार का भरण-पोषण सुचारू ढंग से कर रहे हैं ।
ग्राम बसुरियाकलां के श्री अमर धुर्वे ने कक्षा 10वीं तक शिक्षा ग्रहण की है । उनके परिवार में 7 सदस्य हैं। उन्होंने शिक्षा प्राप्त करने के बाद रोजगार के लिये बहुत प्रयास किये, किन्तु उन्हें सफलता प्राप्त नहीं हुई और जीविकोपार्जन के लिये मजदूर किसान के रूप में उनका जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण रहा । उन्होंने हर्रई नगर में एक किराना दुकान में काम किया और इसी दुकान में काम करते-करते उनके मन में स्वयं की दुकान खोलने का विचार आया, किंतु पैसों की तंगी के कारण वे अपनी दुकान नहीं खोल पाये । इस दौरान उन्हें इंटरनेट के माध्यम से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के संबंध में जानकारी मिली तो उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र छिन्दवाड़ा के अधिकारियों से संपर्क किया और उन्होंने स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिये किराना दुकान का आवेदन प्रस्तुत किया । जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा उनके आवेदन पर ऋण प्रकरण स्वीकृत कर भारतीय स्टेट बैंक की हर्रई शाखा को भेजा गया । बैंक द्वारा उन्हें 1.20 लाख रूपये का ऋण किराना दुकान के लिये स्वीकृत कर राशि उपलब्ध कराई गई । इस राशि के उपयोग से उन्होंने अपने ग्राम में किराना दुकान खोली है । बैंक की किश्तों को प्रतिमाह चुकाने के बाद इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 7 हजार रूपये की आय प्राप्त हो रही है । स्वयं का रोजगार स्थापित करने से अब वे अच्छा महसूस कर रहे हैं और उनका परिवार खुशहाल है । इस योजना से लाभान्वित किये जाने पर उन्होंने जिला प्रशासन और जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को धन्यवाद दिया है

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