जिले का नवाचार-बच्चों, किशोर-किशोरियों एवं महिलाओं की सुरक्षा के लिये शक्ति मोबाइल एप लांच
 |
|
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला बाल संरक्षण एवं कल्याण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्रीमती पटले द्वारा पीड़ित व जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं की सहायता के लिये जिले में नवाचार करते हुये शक्ति मोबाइल एप को लांच किया गया। यह शक्ति एप कलेक्टर श्रीमती पटले के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग (एन.आई.सी) से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति के संयुक्त तत्वावधान में बच्चों, किशोर किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ, पोषण, सुरक्षा, शिक्षा आदि से सम्बंधित सेवाओं और सरकारी योजनाओं की हितधारकों तक सीधे और आसान पहुँच सुनिश्चित करने व निगरानी तंत्र मजबूत कर सेवाओं के सुधार के लिये जिले के समुदाय के आम लोगों के उपयोग के लिये तैयार किया गया है । जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती ज्योति ठाकुर के निर्देशन में तैयार शक्ति एप में ममता संस्था के श्री निलेश दुबे द्वारा तकनीकी सहयोग दिया गया जिसका प्रस्तुतिकरण बाल संरक्षण अधिकारी श्री चन्द्रशेखर नागेश द्वारा किया गया। इस “शक्ति एप” को जिले के किसी भी हिस्से के एंड्रॉयड मोबाईल उपभोक्ता द्वारा उपयोग में लाया जा सकता है, जहाँ वह अपनी बात जिला प्रशासन तक पंहुचा सकता है। बच्चों, किशोर-किशोरियों एवं महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आपातकाल स्थिति में सेफ्टी सेक्शन में जाकर "मैं संकट में हूँ" का उपयोग कर सकते हैं । मिशन शक्ति के अंतर्गत समेकित बाल संरक्षण सेवा के अंतर्गत एप का एक हिस्सा “एंजेल सेक्शन” को जिले के वंचित बच्चों को समर्पित किया है, जहाँ बच्चे की पहचान कर या चिन्हित वंचित को कल्याण के लिए आम जन, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि या कोई सामाजिक संस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़कर इन बच्चों की मदद कर सकते हैं जिसकी लिंक-
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.shaktichhi.citizen है ।
बैठक में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना, पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत लाभान्वित, वंचित व अनाथ बच्चों की संपत्ति पर उनके अधिकारों को सुरक्षित करने के लिये कलेक्टर द्वारा सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया गया। साथ ही बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें लैंगिक अपराधों से बचाव के लिये पॉक्सो शिकायत पेटी की स्कूल में स्थापना और जागरूकता प्रशिक्षण के लिये शिक्षा और जनजातीय कार्य विभागों को भी निर्देश दिये गये । बैठक में संबंधित विभागों के जिला अधिकारी, सहायक संचालक श्रीमती मोनिका बिसेन, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति व किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, बाल संरक्षण अधिकारी, आईसीपीएस के कर्मचारी उपस्थित थे, जबकि सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ब्लाक स्तरीय बाल संरक्षण समिति के सदस्य, सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार विडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे ।