शिक्षा मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी 2020) की तीसरी वर्षगाँठ का जश्न मनाने के लिए 29 तथा 30 जुलाई को (दो दिवसीय) कार्यक्रम की शुरुआत कर रहा है।
 |
|
केंद्रीय विद्यालय में एन.ई.पी-2020 केकार्यान्वयन के तीसरे वर्ष का जश्न मनाया गयाशिक्षा मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी 2020) की तीसरी वर्षगाँठ का जश्न मनाने के लिए 29 तथा 30 जुलाई को (दो दिवसीय) कार्यक्रम की शुरुआत कर रहा है। यह कार्यक्रम 29 जुलाई 2023 को आईटीपीओ, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में होने वाला है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दूसरे अखिल भारतीय शिक्षा समागम के उद्घाटन का गवाह बनेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सुधार है जिसका उद्देश्य भारत में शिक्षा के परिदृश्य को बदलना है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री विभिन्न पहलों की शुरुआत करेंगे जो एनईपी 2020 के उद्देश्यों और दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।केन्द्रीय विद्यालय, बालाघाट के प्राचार्य श्री पंकज कुमार जैन ने अपने विद्यालय में नई शिक्षा नीति 2020 दृष्टिकोण के सफल कार्यान्वयन पर अपनी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा करते हुए बताया कि हमने जबलपुर संभाग के उपायुक्त श्री सौमित्र श्रीवास्तव जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में अपने छात्रों के लिए समग्र और क्रमबद्ध सीखने का अनुभव सुनिश्चित करते हुए एनईपी 2020 के सिद्धांतों को अपनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है एवं केन्द्रीय विद्यालय, बालाघाट जिले में पीएमश्री स्कूल के रूप चयनित हुआ है ।विद्यालय ने एनईपी 2020 के अनुसार महत्वपूर्ण उपाय किए हैं जिनमें शामिल हैं:‘प्रवेश आयु का पुनर्निर्धारण’ करते हुए विद्यालय ने शैक्षणिक प्रकृति और पाठ्यचर्या संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर 5+3+3+4 डिज़ाइन लागू किया है, जो छात्रों के लिए अधिक व्यापक और विकासात्मक रूप से सीखने की अनुमति देता है। ‘निपुण पहल’ के साथ विद्यालय ने बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल के महत्व पर जोर देते हुए समझ और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में प्रवीणता के लिए राष्ट्रीय पहल (निपुण) में सक्रिय रूप से भाग लिया है। छात्रों की प्रगति को सावधानीपूर्वक आँका जाता है और सीखने के परिणामों को निर्देशानुसार कक्षा-वार सूचीबद्ध किया जाता है।इसके अतिरिक्त केन्द्रीय विद्यालय मलान्जखंड के प्राचार्य श्री अमित दहिया ने बताया कि केविसं में बाल वाटिका की शुरुआत हो गई है। ‘बालवाटिका का परिचय’ के साक्ष्य के रूप में हमारे विद्यालय में बालवाटिका के लिए विद्यार्थी-प्रवेश तथा शिक्षक-साक्षात्कार प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और शीघ्र ही प्रारंभिक बचपन की शिक्षा के महत्व को समझते हुए विद्यालय बाल-शिक्षार्थियों के लिए एक मजबूत नींव को बढ़ावा देते हुए बालवाटिका की शुरुआत कर देगा । श्री ए.के.उपाध्याय ज़िला शिक्षा अधिकारों ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमने विद्यालय अकादमिक परिषद के सहयोग से एनईपी 2020 द्वारा प्रस्तावित विभिन्न पहलों और सुधारों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है | 'विद्या प्रवेश' हमारी प्राथमिकता है । औपचारिक स्कूली शिक्षा में परिवर्तन को आसान बनाने के लिए 'विद्या प्रवेश कार्यक्रम' लागू किया गया है जो नए छात्रों के लिए एक सहायक और उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है। इसी कड़ी में जवाहर नवोदय विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती पूनमराज शर्मा ने बताया कि सीबीएसई के वेब पोर्टल पर उपलब्ध ‘जादुई पिटारा शिक्षण सामग्री’ द्वारा विद्यालय-शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ एफएस) पर आधारित नवीन शिक्षण साधनों को अपनाया है। महर्षि विद्या मंदिर के प्राचार्य श्री एस. के. चौरसिया ने बताया कि एनईपी 2020 में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए विद्यालय सक्रिय रूप से हितधारकों के रूप में माता-पिता को शामिल कर सीखने और विकास के लिए एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।केन्द्रीय विद्यालय बालाघाट शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की पहल के साथ सभी हितधारकों, शिक्षकों और शिक्षा उत्साही लोगों से इस महत्वपूर्ण अवसर का हिस्सा बनने की अपील करता है । एन.ई.पी 2020 के कार्यान्वयन के तीसरे वर्ष का जश्न भारत में भविष्य के लिए तैयार और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षा मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी 2020) की तीसरी वर्षगाँठ का जश्न मनाने के लिए 29 तथा 30 जुलाई को (दो दिवसीय) कार्यक्रम की शुरुआत कर रहा है।
बालाघाट : गुरूवार, जुलाई 27, 2023, 12:50 IST

केंद्रीय विद्यालय में एन.ई.पी-2020 केकार्यान्वयन के तीसरे वर्ष का जश्न मनाया गयाशिक्षा मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी 2020) की तीसरी वर्षगाँठ का जश्न मनाने के लिए 29 तथा 30 जुलाई को (दो दिवसीय) कार्यक्रम की शुरुआत कर रहा है। यह कार्यक्रम 29 जुलाई 2023 को आईटीपीओ, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में होने वाला है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दूसरे अखिल भारतीय शिक्षा समागम के उद्घाटन का गवाह बनेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सुधार है जिसका उद्देश्य भारत में शिक्षा के परिदृश्य को बदलना है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री विभिन्न पहलों की शुरुआत करेंगे जो एनईपी 2020 के उद्देश्यों और दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।केन्द्रीय विद्यालय, बालाघाट के प्राचार्य श्री पंकज कुमार जैन ने अपने विद्यालय में नई शिक्षा नीति 2020 दृष्टिकोण के सफल कार्यान्वयन पर अपनी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा करते हुए बताया कि हमने जबलपुर संभाग के उपायुक्त श्री सौमित्र श्रीवास्तव जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में अपने छात्रों के लिए समग्र और क्रमबद्ध सीखने का अनुभव सुनिश्चित करते हुए एनईपी 2020 के सिद्धांतों को अपनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है एवं केन्द्रीय विद्यालय, बालाघाट जिले में पीएमश्री स्कूल के रूप चयनित हुआ है ।विद्यालय ने एनईपी 2020 के अनुसार महत्वपूर्ण उपाय किए हैं जिनमें शामिल हैं:‘प्रवेश आयु का पुनर्निर्धारण’ करते हुए विद्यालय ने शैक्षणिक प्रकृति और पाठ्यचर्या संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर 5+3+3+4 डिज़ाइन लागू किया है, जो छात्रों के लिए अधिक व्यापक और विकासात्मक रूप से सीखने की अनुमति देता है। ‘निपुण पहल’ के साथ विद्यालय ने बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल के महत्व पर जोर देते हुए समझ और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में प्रवीणता के लिए राष्ट्रीय पहल (निपुण) में सक्रिय रूप से भाग लिया है। छात्रों की प्रगति को सावधानीपूर्वक आँका जाता है और सीखने के परिणामों को निर्देशानुसार कक्षा-वार सूचीबद्ध किया जाता है।इसके अतिरिक्त केन्द्रीय विद्यालय मलान्जखंड के प्राचार्य श्री अमित दहिया ने बताया कि केविसं में बाल वाटिका की शुरुआत हो गई है। ‘बालवाटिका का परिचय’ के साक्ष्य के रूप में हमारे विद्यालय में बालवाटिका के लिए विद्यार्थी-प्रवेश तथा शिक्षक-साक्षात्कार प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और शीघ्र ही प्रारंभिक बचपन की शिक्षा के महत्व को समझते हुए विद्यालय बाल-शिक्षार्थियों के लिए एक मजबूत नींव को बढ़ावा देते हुए बालवाटिका की शुरुआत कर देगा । श्री ए.के.उपाध्याय ज़िला शिक्षा अधिकारों ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमने विद्यालय अकादमिक परिषद के सहयोग से एनईपी 2020 द्वारा प्रस्तावित विभिन्न पहलों और सुधारों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है | 'विद्या प्रवेश' हमारी प्राथमिकता है । औपचारिक स्कूली शिक्षा में परिवर्तन को आसान बनाने के लिए 'विद्या प्रवेश कार्यक्रम' लागू किया गया है जो नए छात्रों के लिए एक सहायक और उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है। इसी कड़ी में जवाहर नवोदय विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती पूनमराज शर्मा ने बताया कि सीबीएसई के वेब पोर्टल पर उपलब्ध ‘जादुई पिटारा शिक्षण सामग्री’ द्वारा विद्यालय-शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ एफएस) पर आधारित नवीन शिक्षण साधनों को अपनाया है। महर्षि विद्या मंदिर के प्राचार्य श्री एस. के. चौरसिया ने बताया कि एनईपी 2020 में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए विद्यालय सक्रिय रूप से हितधारकों के रूप में माता-पिता को शामिल कर सीखने और विकास के लिए एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।केन्द्रीय विद्यालय बालाघाट शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की पहल के साथ सभी हितधारकों, शिक्षकों और शिक्षा उत्साही लोगों से इस महत्वपूर्ण अवसर का हिस्सा बनने की अपील करता है । एन.ई.पी 2020 के कार्यान्वयन के तीसरे वर्ष का जश्न भारत में भविष्य के लिए तैयार और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।