प्रदेश के 76 लाख से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 14 वीं किश्त में 1690 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का अंतरण

छिंदवाड़ा जिले के 2 लाख से अधिक कृषकों को 48 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का अंतरण जिला मुख्यालय के साथ ही विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर भी लगभग 11600 किसानों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखा व सुना

देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुरुवार को राजस्थान राज्य के सीकर में आयोजित पीएम किसान सम्मेलन से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 14वीं किश्त का वितरण किया गया जिसमें मध्यप्रदेश के 76 लाख से अधिक कृषकों को 1680 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण हुआ। इस दौरान छिंदवाड़ा जिले के 2 लाख 42 हजार 481 किसानों के खातों में भी 14 वीं किश्त की राशि 48 करोड़ 49 लाख 62 हजार रूपए का अंतरण किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 14वीं किश्त की राशि पाकर जिले के कृषकों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।
         प्रधानमंत्री श्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम के सीधे प्रसारण को प्रदेश भर के साथ ही छिंदवाड़ा जिले में जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर लगभग 11600 से अधिक किसानों द्वारा प्रोजेक्टर, बड़ी स्क्रीन व अन्य माध्यमों से देखा व सुना गया । जिला मुख्यालय पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 14वीं किश्त के वितरण कार्यक्रम के सीधे प्रसारण को देखने को व्यवस्था कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गई थी जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व लाभान्वित कृषकों ने सहभागिता कर मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा व सुना । इसी प्रकार कृषि विज्ञान केंद्र चन्दनगाव छिंदवाड़ा में भी प्रधानमंत्री के सीधे प्रसारण के इस कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य श्री विवेक साहू के साथ ही सर्वश्री संजय सक्सेना, संजय पटेल, मेरसिंह चौधरी, अलकेश साव, संतोष राय, शरद बेन्डे, रोशन सिंगणापुरे व अन्य जनप्रतिनिधि, उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह, महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री अभय कुमार जैन, अधिष्ठाता उद्यानिकी महाविद्यालय डॉ.विजय पराड़कर और अन्य अधिकारियों ने सहभागिता की । कार्यक्रम के बाद कृषक परिचर्चा संपन्न हुई जिसमें मिलेट के उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया। यह कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ.सुरेंद्र पन्नासे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ जिसे सफल बनाने में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.डी.सी.श्रीवास्तव, डॉ.आर.के.झाड़े, श्रीमती रिया ठाकुर, डॉ.सरिता सिंह, तकनीकी अधिकारी श्री नितेश गुप्ता व श्री सुंदरलाल अलावा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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