कृषि कार्यों के लिए मजदूरों की समस्या होने लगी है। इस समस्या का हल किसानों ने मशीनों के उपयोग से निकाल लिया है। किसान अब बड़े पैमाने पर कृषि कार्यों में मशीनों का सहारा ले रहे हैं। इससे अधिक समय में होने वाला काम कम समय में होने लगा है।
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कृषि कार्यों में निंरतर बढ़ रहा है मशीनों का उपयोगमशीन से लगा रहे किसान धान का रोपा कृषि कार्यों के लिए मजदूरों की समस्या होने लगी है। इस समस्या का हल किसानों ने मशीनों के उपयोग से निकाल लिया है। किसान अब बड़े पैमाने पर कृषि कार्यों में मशीनों का सहारा ले रहे हैं। इससे अधिक समय में होने वाला काम कम समय में होने लगा है। धान की खेती में बैलों से जुताई में अधिक समय लगने के कारण किसान अब ट्रेक्टर का उपयोग करने लगे हैं। इसी प्रकार धान की रोपाई में मजदूरों की समस्या होने के कारण मशीन से धान का रोपा लगाने लगे है। धान का रोपा लगाने की मशीनों की संख्या जिले में बढ़ गई है। उप संचालक कृषि श्री राजेश खोब्रागड़े ने बताया कि जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के किसान भी धान का रोपा लगाने के लिए मशीन का सहारा ले रहे है। बिरसा तहसील के ग्राम बोदा में कृषक विष्णु लाल चौहान, ठाकुर प्रसाद चौहान, नमेश, दिनेश, केवल प्रसाद बिसेन, प्रेमलता मरकाम, चमरू ठाकरे, लोकराम चौहान, अल्केश यादव, पूरनलाल बिसेन, एवं अन्य 20-30 किसानो के द्वारा लगभग 100 से 125 एकड़ में पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन के लिए नर्सरी तैयार कर रोपाई का कार्य किया जा रहा है। धान रोपाई की नवीन मशीनों से रोपा लगाने का कार्य सरल हो गया है। धान का रोपा लगाने की मशीन किसानों को अनुदान पर मिल रही है।