सीएम हेल्पलाईन के लंबित आवेदनों का समय सीमा में निराकरण करें-कलेक्टर श्री पुष्प

सीएम हेल्पलाईन के लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न

नवागत कलेक्टर श्री मनोज पुष्प ने निर्देश दिये कि सीएम हेल्पलाईन के लंबित आवेदनों का समय सीमा में निराकरण करें । लंबित आवेदन के निराकरण में इस बात का ध्यान रखें कि तथ्यात्मक व तर्कपूर्ण रहे । आवेदक की समस्या के निराकरण पर फोकस करें तथा माह जुलाई के साथ ही 50 दिन से अधिक के लंबित आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता से करें। कलेक्टर श्री पुष्प ने ये निर्देश आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न सीएम हेल्पलाईन के लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा बैठक में दिये । बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री के.सी.बोपचे, सहायक कलेक्टर सुश्री वैशाली जैन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, एसडीएम श्री सुधीर कुमार जैन, उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उपस्थित थे, जबकि सभी एसडीएम और खंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुये ।
बैठक में कलेक्टर श्री पुष्प ने सभी एसडीएम को निर्देश दिये कि अनुविभाग स्तर पर सीएम हेल्पलाईन के लंबित आवेदनों की प्रगति की निरंतर समीक्षा करें और सभी विभागों विशेषकर राजस्व, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, महिला एवं बाल विकास आदि विभागों के लंबित आवेदनों के निराकरण पर विशेष ध्यान दें । उन्होंने कहा कि जिले में जितनी खाद और बीज की आवश्यकता है उससे अधिक खाद व बीज किसानों को वितरित किये जा चुके हैं, किन्तु फिर भी यदि किसी क्षेत्र में विशेषकर अमरवाड़ा और चौरई अनुविभागों में खाद और बीज की आवश्यकता होने पर किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध करायें । यह भी सुनिश्चित करें कि निर्धारित दर से अधिक में उर्वरक की बिक्री नहीं हों । किसानों को इस तथ्य से अवगत करायें कि शासकीय और निजी स्तर पर उर्वरक का दाम एक जैसा है तथा यदि कोई आदान विक्रेता निर्धारित दाम से अधिक दाम पर उर्वरक का विक्रय करता पाया जाये तो उसके विरूध्द तत्काल कार्यवाही करें । इस कार्य की मॉनिटरिंग निरंतर करें और राजस्व के साथ ही आपूर्ति, मार्कफेड, सहकारिता और अन्य मैदानी अमले को भी सक्रिय रखें जिससे उर्वरक की कालाबाजारी नहीं होने पाये ।   

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