उद्यमियों से चर्चा
20 जुलाई को जबलपुर में रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव होगा आयोजन
बालाघाट 10 जुलाई 24:-
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने मंगलवार देर शाम को जिले उद्योगपतियों के साथ बैठक की। बैठक में 20 जुलाई को जबलपुर में आयोजित होने वाली रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव के सम्बंध में लैंड (भूमि), उद्योग विस्तार और अन्य सुविधाओं तथा उद्यमियों की आवश्यक मांगों पर विचार किया गया। साथ ही कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने उद्योगपतियों को रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव के लिए आमंत्रित भी किया। बैठक में राइस मील के उद्योग पतियों के अलावा एल्युमिनियम इंडस्ट्रीज, सोलर एनर्जी,बॉयो एथेनॉल व अन्य इंडस्ट्रीज से जुड़े उद्यमी मौजूद रहें। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि पिछले 2 वर्ष में करीब 35 उद्योगों ने बालाघाट में रुचि दिखाकर लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश भी किया है। जिले में 2 औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जा रहें है। इनका कार्य भी अंतिम चरण में है। बालाघाट में उद्योग लगाने के अच्छे अवसर है। जिले में भूमि आवंटन से सम्बंधित कोई भी समस्या नही आएगी, साथ ही अन्य मामलों पर भी प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा यहां अविकसित लैंड भी मौजूद है। बैठक में उद्योग व व्यापार महाप्रबन्धक श्रीमती प्रीति मर्सकोले, सेवानिवृत महाप्रबंधक श्री अशोक मेश्राम, प्रबंधक श्री गजभिये, सहायक प्रबंधक श्री अभिषेक मरकाम, रमणीक पॉवर एंड अलॉय के श्री व्योमेश त्रिवेदी, विसाग बॉयोफ्यूल के श्री अतुल वैद्य, पेरबोइलिंग के विनोद धनवानी,फरहान राइस मिल से श्री सैय्यद उस्मान सहित अन्य उद्योगों के उद्योगपति उपस्थित रहे।
बैठक में रमणीक पॉवर एंड अलॉय के श्री व्योमेश त्रिवेदी ने कहा कि अच्छा अवसर है अब शासन भी उद्योगों को अलग-अलग तरह से सहयोग कर रही है। भूमि के अलावा अनुदान नीति के माध्यम से तथा उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया का सरलीकरण भी किया गया है। वहीं विसाग बॉयोफ्यूल के श्री अतुल वैद्य ने कहा कि मप्र की उद्योग नीति सरल हो गई है। पॉलिसी समझने का भी अवसर कॉन्क्लेव है। साथ ही एमपीइनवेस्ट पोर्टल पर भी देखा जा सकता है।
कॉन्क्लेव में ये होंगे आयोजन
20 जुलाई को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल्चर एंड इनफार्मेशन सेंटर में कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। यहाँ बॉयर एंड सेलर मीट होगी। साथ ही वन-टू-वन मीट सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसके पश्चात थेमेटिक सेसन होंगे। कॉन्क्लेव में माइनिंग एंड मिनरल्स, कृषि व फ़ूड प्रोसेसिंग, एयरोस्पेस व डिफेंस तथा टेक्सटाइल व गारमेंट पर विशेष केंद्रित रहेगा।

