जुन्नारदेव ----- हिंदू संस्कृति के 16 प्रमुख संस्कारों में से एक उपनयन संस्कार का अपना विशेष महत्व है और इसे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य को प्रमुख रूप से करना अनिवार्य है। प्राचीन काल में बटुक विद्या अध्ययन के लिए निज ग्रह से दूर विद्यार्थी विद्या अध्ययन के लिए गुरु के आश्रम में जाकर विद्या प्राप्त करते थे इसी प्राचीन संस्कृति के तहत गुरुवार को नगर के तिवारी परिवार के 10 वर्षीय बालक विनायक तिवारी, दादा जयवंत (मुन्नू) महाराज, पिता अभिषेक तिवारी का उपनयन संस्कार द्वारिका से पधारे ब्राह्मण देवता सनत कुमार उपाध्याय द्वारा संपन्न कराया गया। यह बालक अब वैदिक विद्यालय इंदौर उज्जैन में रहकर सनातन धर्म विद्या आरंभ करेगा गुरुकुल में वैदिक शिक्षा प्रदान की जाएगी। बालक के उपनयन संस्कार के दौरान बालक को धूमधाम से नगर भ्रमण कराया गया।

