कृषि विभाग की बैठक में उर्वरक उपलब्धता व् संतुलित उर्वरक (एन.पी.के) के उपयोग पर चर्चा

chif editor MANESH SAHU 9407073701
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कृषि विभाग की बैठक में उर्वरक उपलब्धता व् संतुलित उर्वरक (एन.पी.के) के उपयोग पर चर्चा
कृषि विभाग की बैठक में उर्वरक उपलब्धता व् संतुलित उर्वरक (एन.पी.के) के उपयोग पर चर्चा
जुन्नारदेव, आज अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुविभाग जुन्नारदेव में मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दिए गए निर्देशों के अनुसार, उर्वरक उपलब्धता और संतुलित उर्वरक एन.पी.के. (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम जुन्नारदेव, कामिनी ठाकुर ने की। इस बैठक में कृषि विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों में गोवर्धन यदुवंशी, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत जुन्नारदेव, एवं सहदेव कुमार यदुवंशी, जिला मंत्री, किसान मोर्चा जुन्नारदेव शामिल हुए। कृषि विभाग से प्रमोद सिंह उट्टी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी परासिया, श्री एस. एस. मरकाम वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जुन्नारदेव, और योगेश उईके वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी तामिया व सहकारिता विभाग से समिति प्रबंधक अरुण सोनी जुन्नारदेव, रहीम खान डूंगरिया, गोकुल यदुवंशी छिंदीकामथ, मनोज प्रजापति नवेगांव, दिलीप पवार पालाचौरई भी उपस्थित रहे।
बैठक में संतुलित उर्वरक के महत्व पर चर्चा के दौरान एसडीएम मैडम ने डीएपी उर्वरक के स्थान पर संतुलित उर्वरक एन.पी.के. उर्वरक के अग्रिम भंडारण और वितरण की स्थिति की समीक्षा की। कृषि विभाग के श्री प्रमोद सिंह उट्टी ने संतुलित उर्वरक एन.पी.के. उर्वरक के उपयोग के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संतुलित उर्वरक का उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाता है और फसल उत्पादन में सुधार करता है।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए बैठक में चर्चा की गई -

बैठक के दौरान "नरवाई न जलाएं" इसके लिए कृषि अभियांत्रिकी के माध्यम से हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसे ट्रैक्टर चलित कृषि यंत्रों के उपयोग के महत्व पर चर्चा के दौरान श्री उट्टी ने बताया कि ये कृषि यंत्र किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इन यंत्रों को प्राप्त करने के लिए कृषकों को ₹5000 का डिमांड ड्राफ्ट सहायक कृषि यंत्री छिंदवाड़ा के नाम देय होगा एवं कृषक को अपना आवेदन ऑनलाइन करना होगा। योजना के अंतर्गत हैप्पी सीडर की कुल लागत ₹1,65,000 से ₹2,25,000 है, जिसमें लघु, सीमांत, महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कृषकों को 50% तक का अनुदान मिलेगा, जबकि अन्य वर्ग के कृषकों को 40% का अधिकतम अनुदान प्राप्त होगा। वहीं, सुपर सीडर की कुल लागत ₹2,50,000 से ₹3,15,000 है।
हैप्पी सीडर यंत्र को संचालित करने के लिए कृषक के पास 50 एच.पी. से अधिक का ट्रैक्टर एवं सुपर सीडर यंत्र को संचालित करने के लिए कृषक के पास 55 एच.पी. से अधिक का ट्रैक्टर होना अनिवार्य है जिससे यह कृषि यंत्र अच्छे से कार्य कर पायेगा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कृषकों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनकी समस्याओं के समाधान हेतु संयुक्त प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की। इस प्रकार की बैठकों से न केवल कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करने में सहायक होगी।टीप: हैप्पी सीडर के प्रचार-प्रसार हेतु मध्यप्रदेश शासन की ओर से संबंधित हैप्पी सीडर ट्रैक्टर हितग्राही को प्रति एकड़ ₹1,650 की दर से भुगतान किया जाएगा। ( प्रदर्शन अधिकतम एक एकड़ रकबे पर प्रति कृषक किया जावेगा )

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