जल ही जीवन है, जल ही प्रकृतिग्राम रतवाढोल में बोरी बंधान कर किया गया जल संचय कार्य

chif editor MANESH SAHU 9407073701
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जल ही जीवन है, जल ही प्रकृति
ग्राम रतवाढोल में बोरी बंधान कर किया गया जल संचय कार्य
जुन्नारदेव।
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशन में तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति द्वारा जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई। सेक्टर क्रमांक 4 दमुआ अंतर्गत ग्राम पंचायत नंदना के ग्राम रतवाढोल में जंगल स्थित नाले पर 60 बोरियों का बोरी बंधान कर वर्षा जल संचय का कार्य किया गया।

कार्यक्रम में जिला समन्वयक अखिलेश कुमार जैन ने कहा कि जल ही जीवन है, यह केवल कहावत नहीं बल्कि सच्चाई है। पानी के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। बढ़ते प्रदूषण और वर्षा जल के व्यर्थ बह जाने से आज जल संकट गहराता जा रहा है। यदि समय रहते जल संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को भारी संकट का सामना करना पड़ सकता है।

विकासखंड समन्वयक संजय बामने ने ग्रामीणों को वर्षा जल संचय के उपाय बताए। उन्होंने छोटे तालाब, कुएं और बावड़ियों को साफ व गहरा करने, आवश्यकता अनुसार ही पानी उपयोग करने तथा उपयोग किए गए पानी को पौधों में डालने जैसे उपायों पर जोर दिया।

इस अवसर पर ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई और सामूहिक सहभागिता से बोरी बंधान का कार्य संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में परामर्शदाता योगिता मर्सकोले, दीपा पाटिल, एमएसडब्ल्यू छात्र अमन अरसे, विशाल बेलवंशी, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष मुकेश बेलवंशी सहित ग्रामीण अवधेश बेलवंशी, मनीष आरसिया, ब्रजेश बेलवंशी, सुभाष अहाके, उमेश पंद्राम, रिंकेश भलावी, गजनलाल बेलवंशी, विकास इरपाची, कलियाबाई बेलवंशी, लक्ष्मी वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफल रहा।

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