घोरावाड़ी 5 नंबर में अवैध कोयला उत्खनन चरम पर, वन विभाग की चुप्पी व उच्च अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल — जिला अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग
दमुआ।
घोरावाड़ी–दमुआ क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरैना खालसा के घोरावाड़ी 5 नंबर में अवैध कोयला उत्खनन का खेल खुलेआम जारी है। बंद पड़ी खदान से कोयला माफिया मजदूरों को पैसों का लालच देकर जान जोखिम में डालकर अवैध उत्खनन करा रहे हैं, लेकिन संबंधित वन विभाग और उच्च अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार खदान से निकाले गए कोयले को बोरियों में भरकर एक स्थान पर इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद पिकअप व ट्रैक्टरों के माध्यम से नवेगांव, उमरेठ एवं दमुआ क्षेत्र के ईंट-भट्टों तक इसकी अवैध आपूर्ति की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि अवैध कोयला परिवहन में लगी गाड़ियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है, लेकिन दमुआ वन अधिकारी द्वारा न तो नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और न ही उच्च स्तर पर इसकी कोई रिपोर्ट भेजी जा रही है। वन विभाग की भूमि पर खुलेआम खुदाई हो रही है, बावजूद इसके निचले से लेकर उच्च अधिकारियों तक की उदासीनता स्पष्ट दिखाई दे रही है।
अवैध कोयला उत्खनन से जहां एक ओर पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है, वहीं दूसरी ओर मजदूरों की जान से भी खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। कभी भी बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिला स्तर के अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच करें तथा अवैध कोयला उत्खनन व परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही लापरवाह वन अधिकारियों एवं उच्च स्तर पर जिम्मेदारी तय कर निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः रोक लग सके।

