पैथोलॉजिस्ट भोपाल में बैठकर छिंदवाड़ा में कर रहे रिपोर्ट वेरीफाई....
अनट्रेंड कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रही केयर पैथोलॉजी लैब डॉक्टर के डिजिटल सिग्नेचर सवालों के घेरे में.
छिंदवाड़ा में “केयर पैथोलॉजी” के नाम पर अवैध लैब साम्राज्य उजागर — भोपाल से डिजिटल सिग्नेचर, शहर-भर में बिना पैथोलॉजिस्ट मरीजों की जान से खुला खिलवाड़
छिंदवाड़ा शहर में अवैध पैथोलॉजी लैब की बाढ़ सी आ गई है। कलेक्शन सेंटर की आड़ में धड़ल्ले से अवैध पैथोलॉजी लैबों का संचालन किया जा रहा है। हालात यह है कि गली मोहल्ले तक में पैथोलॉजी लैब खोल ली गई हैं और इनकी संख्या में तेजी से इजाफा भी होता जा रहा है। बिना रजिस्ट्रेशन व अधिकृत मान्यता न होने के बावजूद संचालित हो रहीं पैथोलॉजी लैबों की जानकारी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कार्यवाही करना तो दूर की बात विभाग को यह तक जानकारी नहीं है कि शहर में कितनी लैबों का संचालन किया जा रहा है। जिसमें से कितनी वैध है और कितनी अवैध। लैब कलेक्शन सेंटर की आड़ में चल रही इन लैब में लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। लैब के पास पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का रजिस्ट्रेशन, पंजीकृत मेडिकल वेस्ट सर्विस से एग्रीमेंट, सीएमएचओ ऑफिस का रजिस्ट्रेशन, नगर पालिका का अनुमति पत्र व गुमाश्ता लायसेंस, दुकान का किरायानामा होना आवश्यक है । लेकिन लैब संचालकों के पास इनमें से आधे दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं है। सबसे बड़ी बात लैबों में पैथोलाजिस्ट का होना अनिवार्य है लेकिन वर्तमान में अधिकांश पैथोलॉजी में पैथोलॉजिस्ट बैठते ही नही है। बल्कि डिजीटल हस्ताक्षर से इनका काम चल रहा है। ऐसा ही कारनामा इन दिनों छिंदवाड़ा के परासिया रोड स्थित केयर पैथोलॉजी लैब का है। यह भी कलेक्शन सेंटर के नाम पर लैब का संचालन कर रहे है। केयर पैथोलॉजी संचालक द्वारा एक कमरे में लैब चलाई जा रही है। जोकि नियम विरूद्ध है। इतना ही नहीं अवैध लैबों की तरह यहां भी हमेशा पैथोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं रहता है मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़ शहर में अवैध पैथोलॉजी का मकड़ जाल फैला हुआ है। नियम विरुद्ध तरीके से मरीजों की जांच की जा रही है। इन पर कार्रवाई तो दूर इनकी जांच तक नहीं हो रही है। देखा जाए तो जांच के इस खेल में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। कई मामले ऐसे सामने आ चुके हैं, जिनमें जांच रिपोर्ट सवालों के दायरे में आई थीं। प्रशासन को चाहिए कि निष्पक्ष रूप से जांच कराई जाए ताकि अवैध व बिना पंजीयन के चल रहे इस कारोबार को रोका जाए।
छिंदवाड़ा परासिया चौरई मुजावर सिंगोड़ी अमरवाड़ा में केयर पैथोलॉजी के नाम से फ्रेंचाइजी दे रखी है तो इनकी दुकानों में चल रही पैथोलॉजी
शहर में ढेरों जगहों पर दस बाइ दस की दुकानों पर पैथोलॉजी संचालित हो रही हैं अनेकों जगह है जहां पर 10 वाई 10 के कमरों में लैब का संचालन किया जा रहा है। लेकिन इसकी जांच करने वाला कोई नहीं है। पैथोलॉजी के यह है नियम पैथोलॉजिस्ट सिर्फ एक सेंटर पर विजिट कर जांच कर सकता है एक से ज्यादा सेंटरों पर जांच करना नियम विरूद्ध है संबंधित सेंटर पर उनके आने जाने का टाइम टेबल होना चाहिए

