बोरगांव। प्रभु श्रीराम के 14 वर्ष के वन गमन पथ से जुड़े पावन स्थलों के दर्शन के संकल्प के साथ निकली श्री राम वन गमन मोटरसाइकिल यात्रा का बोरगांव आगमन पर श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर यात्रा का स्वागत नकुल पांडे एवं उनके परिवार द्वारा किया गया।
यह ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा महेश चंद्र रावत ने अपनी धर्मपत्नी ममता रावत के साथ मोटरसाइकिल से पूरी की। यात्रा की कुल संकल्पित दूरी 15,000 किलोमीटर थी, जिसे ईश्वर की कृपा से 15,500 किलोमीटर से अधिक सफलतापूर्वक तय किया गया। यह यात्रा 02 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर 05 जनवरी 2026 तक चली।
महेश चंद्र रावत ने बताया कि दिनांक 05 जनवरी 2026, सोमवार को प्रातः 11 बजे सभी सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं के साथ सूर्यवंशी ढोलेवार कुंबी समाज की कुलदेवी मां अंबा देवी के मंदिर, खानापुर, आमला, जिला बैतूल (मध्यप्रदेश) में शीश नवाकर इस पावन यात्रा को विधिवत विराम दिया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने बताया कि यात्रा के अंतर्गत प्रभु श्रीराम के वन गमन से जुड़े अनेक दुर्गम और पवित्र स्थलों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हर पड़ाव पर भक्ति, मर्यादा और सद्भावना का अनुभव हुआ, जिसने इस यात्रा को केवल भौगोलिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी विशेष बना दिया।
अब तक यह यात्रा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी (केंद्र शासित प्रदेश), आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से होकर गुज़री और पुनः महाराष्ट्र होते हुए मध्यप्रदेश की पावन भूमि जामसावरी पहुँची।
महेश चंद्र रावत ने यात्रा की सकुशलता के लिए सर्वप्रथम कुलदेवी मां अंबा देवी के श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मां की कृपा, संरक्षण और आशीर्वाद के बिना 15,500 किलोमीटर से अधिक की यह कठिन यात्रा संकल्प से सिद्धि तक नहीं पहुँच सकती थी।
साथ ही उन्होंने परिवारजनों, मित्रों, शुभचिंतकों, रामभक्तों एवं मार्ग में मिले अंजान सहयोगियों के प्रति भी हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनके स्नेह, सहयोग और शुभकामनाओं ने हर क्षण मनोबल को बढ़ाया।
श्री राम वन गमन मोटरसाइकिल यात्रा का मां अंबा देवी के चरणों में लिया गया यह विराम किसी अंत का नहीं, बल्कि भविष्य में आने वाली अनेक आध्यात्मिक यात्राओं के लिए संकल्प, ऊर्जा और आशीर्वाद का पावन पड़ाव माना जा रहा है।

