छिंदवाड़ा के देहात इलाके में अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस ने ऐसा प्रहार किया कि कारोबारियों में हड़कंप मच गया। मामला 18 जनवरी 2026 का है, जब थाना देहात पुलिस ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश देकर 39 लीटर कच्ची महुआ शराब, देशी लाल मसाला के 30 पाव और एक TVS स्कूटी जब्त की। इस कार्रवाई में चार आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, जिले में अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान के तहत पुलिस को मुखबिर से ठोस सूचना मिली थी। इसी आधार पर थाना देहात प्रभारी गोविंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई और अलग-अलग स्थानों पर योजनाबद्ध तरीके से रेड की गई।
पहली बड़ी कार्रवाई सोमाढाना में हुई, जहां सोनू गोस्वामी (20 वर्ष) को स्कूटी में शराब रखकर बेचते हुए पकड़ा गया। उसके पास से 25 लीटर कच्ची हाथ भट्टी महुआ शराब और एक TVS स्कूटी जब्त की गई।
दूसरी कार्रवाई ढीमरा ढाना में हुई, जहां सुमरवती (44 वर्ष) के कब्जे से देशी लाल मसाला के 30 पाव बरामद किए गए।
तीसरी और चौथी कार्रवाई सालीवाड़ा में हुई, जहां हीरालाल (39 वर्ष) और रामकिशन उइके (30 वर्ष) के पास से अलग-अलग 7-7 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई।
कुल मिलाकर, देहात पुलिस ने इस एक ही अभियान में 39 लीटर कच्ची महुआ शराब और 30 पाव देशी मसाला शराब बरामद कर अवैध नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। सभी मामलों में आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।
इस पूरी कार्रवाई में टीमवर्क की अहम भूमिका रही। अभियान में थाना प्रभारी गोविंद सिंह राजपूत, उप निरीक्षक नितेश ठाकुर, उप निरीक्षक कमलेश सत्यार्थी, प्रधान आरक्षक 303 जुगल किशोर सलामें, प्रधान आरक्षक 412 महेंद्र, आरक्षक 870 पन्नालाल, आरक्षक 148 शेरसिंह और आरक्षक 414 ब्रजेश पाल शामिल रहे। पुलिस का साफ संदेश है—अवैध शराब बेचने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचेगा।
स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है। गांवों और ढानों में खुलेआम बिक रही कच्ची शराब न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि परिवारों की शांति और युवाओं के भविष्य पर भी असर डाल रही थी। ऐसे में इस तरह की सख्त और लगातार कार्रवाई समाज के लिए जरूरी मानी जा रही है।
देहात थाना प्रभारी के अनुसार, मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है ताकि अवैध कारोबारियों तक जल्दी पहुंचा जा सके। पुलिस का फोकस सिर्फ पकड़-धकड़ नहीं, बल्कि सप्लाई चेन तोड़ने पर भी है, जिससे यह धंधा जड़ से खत्म हो।
सहयोगी जनता, सक्रिय पुलिस और सुरक्षित समाज — यही इस अभियान का असली संदेश है। जब पुलिस और नागरिक साथ आते हैं, तब अपराधियों के लिए रास्ते खुद-ब-खुद बंद होने लगते हैं।
मनेश पत्रकार आपसे पूछता है…
आपके इलाके में भी क्या अवैध शराब का कारोबार चल रहा है? क्या पुलिस की कार्रवाई से हालात में सुधार आया है या अभी और सख्ती की जरूरत है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।

