बच्चों को संस्कार देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता — राकेशानंद महाराजपलटवाड़ा (चौरई) में श्रीमद्भागवत कथा का 24 फरवरी को होगा विश्राम

बच्चों को संस्कार देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता — राकेशानंद महाराज
पलटवाड़ा (चौरई) में श्रीमद्भागवत कथा का 24 फरवरी को होगा विश्राम

बच्चों को संस्कार देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता — राकेशानंद महाराज पलटवाड़ा (चौरई) में श्रीमद्भागवत कथा का 24 फरवरी को होगा विश्राम

चौरई (छिंदवाड़ा)। तहसील चौरई के ग्राम पलटवाड़ा में 16 फरवरी से प्रारंभ हुआ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव 24 फरवरी 2026 को विधिवत विश्राम के साथ संपन्न होगा। कथा का वाचन के सान्निध्य में किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।

आयोजन समिति के अनुसार कथा प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक तथा रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। कथा के माध्यम से आध्यात्मिक जागरण, नैतिक मूल्यों की स्थापना एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।

समापन अवसर पर 23 फरवरी को हवन-पूजन, गुरु दीक्षा एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र सहित दूर-दराज से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

कथा के दौरान महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को अच्छे संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है। यदि परिवार अपने बच्चों को धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के प्रति जागरूक करेगा, तभी समाज और राष्ट्र सशक्त बनेगा। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे नई पीढ़ी को संस्कारित कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

महाराज श्री से पधारे हैं तथा उनके आश्रम शिवनी और वृंदावन में भी संचालित हैं। उनके मार्गदर्शन में वृद्धाश्रम एवं संस्कृत विद्यालय के निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है।

कथा का विशेष प्रसारण पर भी किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ श्रद्धालु भी कथा श्रवण का लाभ ले सकें।

उल्लेखनीय है कि यह आयोजन “समस्त ग्रामवासी पलटवाड़ा” के तत्वावधान में संपन्न हो रहा है। आयोजन समिति ने अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की है।

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