छिंदवाड़ा। शहर को स्मार्ट और सुंदर बनाने के दावों के बीच हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। नगर की मुख्य सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढे अब सीधे तौर पर आम नागरिकों की जान के लिए खतरा बन चुके हैं। हालत यह है कि छिंदवाड़ा बस स्टैंड से निकलते ही मुख्य मार्ग पर वाहन चालकों को सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों का जाल नजर आता है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि सड़कों के नीचे बिछी पानी सप्लाई लाइन की बार-बार टूट-फूट से सड़क की नींव कमजोर हो रही है। पाइपलाइन से लगातार रिसता पानी सड़क को अंदर से खोखला कर देता है, जिसके बाद भारी वाहनों के दबाव से सड़क धंसकर गहरे गड्ढों में बदल जाती है। कई स्थानों पर गड्ढे इतने बड़े हैं कि दोपहिया वाहन चालक संतुलन खोकर गिर रहे हैं। बरसात या पानी भराव की स्थिति में ये गड्ढे दिखाई तक नहीं देते, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि नगर निगम अतिक्रमण और नो-पार्किंग के नाम पर कार्रवाई तो कर रहा है, लेकिन जानलेवा गड्ढों को भरने और पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत की दिशा में ठोस कदम नहीं उठा रहा। शहर में लगातार बढ़ते यातायात के बावजूद मुख्य सड़कों की दुर्दशा प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर रही है।
नागरिकों ने सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते इन गड्ढों की तकनीकी जांच कर स्थायी मरम्मत नहीं की गई तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
जनता की मांग है कि तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय की जाए, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन बदली जाए और मुख्य सड़कों का पुनर्निर्माण कराया जाए। अन्यथा स्थिति कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई करता है या फिर शहर की मुख्य सड़कें यूं ही खतरे का पर्याय बनी
0 Comments