30 लाख का डेम बना शोपीस, 48 लोहे के गेट रहस्यमयी तरीके से गायब
परासिया। ग्राम पंचायत इकलहरा में किसानों की सिंचाई के लिए बनाए गए डेम से जुड़े 48 लोहे के गेटों के गायब होने का मामला अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। करीब 13 वर्ष पूर्व आईएपी योजना के तहत लगभग 30 लाख रुपये की लागत से लाल पानी नाले पर डेम का निर्माण कराया गया था, ताकि बरसाती पानी को रोककर गर्मी में किसानों को सिंचाई सुविधा मिल सके।
डेम में लगाए गए 6 से 7 फीट ऊंचाई के 48 लोहे के गेट पानी रोकने का मुख्य साधन थे। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व सरपंच के कार्यकाल तक गेट सुरक्षित थे, लेकिन बाद में पंचायत में जमा कराने के बाद से उनका कोई रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया गया। वर्तमान में गेट पूरी तरह गायब बताए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय तक गेटों का उपयोग निर्माण कार्यों में सेंटरिंग के रूप में किया गया, जिसके बाद वे नजर नहीं आए। भारी वजन और ऊंची कीमत वाले इन गेटों के लापता होने से आर्थिक अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।
गेटों के अभाव में डेम में पानी नहीं रुक पा रहा, जिससे बरसात का पानी बहकर निकल जाता है और गर्मी में किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाता। इससे फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है।
मामले में सरपंच और सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। पंचायत प्रशासन की चुप्पी ने संदेह को और गहरा कर दिया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए और डेम को पुनः संचालित किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
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