सच की आंखें बालाघाट किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसानों के हित में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड में बालाघाट जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिला स्तरीय रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बालाघाट ने अप्रैल 2026 में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मई 2026 में तृतीय स्थान हासिल कर प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड के अंतर्गत किसान कल्याण एवं कृषि विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन तथा सहकारिता विभागों के विभिन्न की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स (KPI) निर्धारित किए गए हैं, जिनके आधार पर जिलों का मूल्यांकन किया जाता है।
जारी रैंकिंग के अनुसार अप्रैल 2026 में बालाघाट प्रथम, झाबुआ द्वितीय एवं हरदा तृतीय स्थान पर रहा। वहीं मई 2026 में झाबुआ ने प्रथम, मंदसौर ने द्वितीय तथा बालाघाट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। लगातार दो माह तक प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में स्थान बनाकर बालाघाट ने किसान कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इस उपलब्धि पर बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीना ने कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे किसानों के हित में संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय तथा मैदानी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का परिणाम बताया है।
कलेक्टर श्री मीना द्वारा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि बालाघाट जिले ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में किसानों को ई-टोकन प्रणाली से उर्वरकों का वितरण, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता, सुपर सीडर तकनीक के माध्यम से धान की सीधी बुवाई को बढ़ावा, पराली प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती का विस्तार, उद्यानिकी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन संवर्धन हेतु कामधेनु एवं क्षीरधारा योजनाओं का क्रियान्वयन, मादा पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्स-सॉर्टेड सीमन तकनीक का उपयोग, मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए तालाबों एवं जलाशयों में केज कल्चर की पहल तथा किसानों एवं पशुपालकों के किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण जैसे अनेक कार्य प्रभावी ढंग से किए गए हैं।
इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप बालाघाट जिला किसान कल्याण के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हुआ है। कलेक्टर श्री मीना ने कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के अमले की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आगामी महीनों में भी जिला उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखते हुए किसानों के हित में संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारेगा।
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