सरकार ने खाद लेने के लिए नियम और कानून सिर्फ किसानों के लिए बनाए:- नकुलनाथ-पहले खाद की कालाबाजारी होती थी अब खाद ही गायब होने लगा


सच की आंखें

छिन्दवाड़ा:- जिले के पूर्व सांसद माननीय नकुलनाथ जी ने खाद की हेराफेरी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा किसानों का हक मारा जा रहा है और जिम्मेदार सोए हुए हैं। कालाबाजारी से एक कदम बढ़कर अब गोदामों से ही खाद गायब हो रहा है तो कहीं नियम विरुद्ध जाकर खाद बेच दी जा रही और किसान भाइयों को खाद के लिए नियमों का हवाला दिया जा रहा। कई कृषक ऐसे भी है जो ठेके पर भूमि लेकर खेती किसानी करते हैं, उनके लिए नियम पेचिदा साबित हो रहे। वहीं खाद का दूसरा पहलू यह भी है कि गोदाम से ही गायब हो रहा। ऐसे में प्रश्न यह उठ रहा है कि आखिर खाद गायब होने के बाद कहां जा रही।

नगद राशि लेकर भटकते किसान भाइयों को उचित मूल्य की दुकानों से खाद नहीं मिल रही। वे खुले बाजार में लुट रहे हैं, क्योंकि जिम्मेदारों का लालच इतना बड़ा हो चुका है कि वे अब किसान भाइयों के हक की खाद भी नियमों के खिलाफ जाकर बेच रहे। ऐसा तभी संभव है जब सरकार की ओर से हरी झंडी मिल जाए या फिर कार्रवाई का भय खत्म हो जाए अथवा सत्ता से जुड़े हुए लोग ही उसमें लिप्त हो। विभिन्न दस्तावेजी प्रक्रिया को पूर्ण करने के उपरांत भूमि के रकबे अनुसार खाद प्राप्त करने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे। हाल ही में सरकार ने खाद के मूल्यों में प्रति बोरी 175 रुपए से लेकर 550 रुपए तक की वृद्धि का बोझ भी डाला है। पोटाश के दाम प्रति बैग 1800 से बढ़कर अब 1975 रुपए, पोटाश में सीधे 75 रुपए की मूल्य वृद्धि एनपीके के दाम 1900 रुपए से बढ़कर 2450 रुपए तक पहुंच गए हैं। निश्चित तौर पर गोदामों से गायब हुए खाद पर मुनाफाखोरी की जा रही होगी, क्योंकि लाखों रुपए के खाद का गायब होना कोई सामान्य घटना नहीं है। इतने गम्भीर और संवेदनशील मामले में कार्रवाई नहीं होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है। छिन्दवाड़ा और पांढुर्ना जिले का किसान खाद के लिए भटक रहा, कतार में खड़ा हो रहा और नियमों का पालन भी कर रहा फिर भी उसे पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही, इसकी सबसे बड़ी वजह भाजपा का भ्रष्टाचार में गले तक डूबा हुआ वह तंत्र हैं जिसका दंश सिर्फ किसान ही नहीं बल्कि पूरा समाज झेल रहा है।

विगत दो वर्षों से खाद की किल्लत का सामना करने वाले अन्नदाता पर लाठियां भांजी गई। अपराधिक मामले पंजीबद्ध किए गए सिर्फ इसीलिये कि उन्होंने खाद मांगी थीनियमों के खिलाफ जाकर खाद का विक्रय और खाद की बोरियों का गायब होने के मामले में किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने से यह प्रतीत होता है कि सरकार ने किसान भाइयों को परेशान और त्रस्त करने के लिए स्थाई समस्याएं निर्मित की है। छिन्दवाड़ा जिला मुख्यालय के बाद मेघदौन और चांद की समितियों से लाखों रुपयों की खाद गायब होना और नियम विरुद्ध बेचा जाना संगठित समूह के द्वारा किया जाना प्रतीत होता है और यह पता नहीं चलना की आखिर खाद गई कहां ? यह बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रही है। माननीय नकुलनाथ जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों का हिस्सा चुराने वाली सरकार को किसान भाई जल्द जवाब देंगे।  

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मतदाता सूची संशोधन को गम्भीरता से लें पदाधिकारी कार्यकर्तागण:- ओकटे

-नवेगांव जुन्नारदेव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक सम्पन्न

छिन्दवाड़ा:- मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय कमलनाथ जी एवं जिले के पूर्व सांसद माननीय नकुलनाथ जी की मंशा से नवेगांव जुन्नारदेव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों को अवगत कराते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओकटे ने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन को सभी गम्भीरता से लेते हुए कार्य करें। संशोधन के लिए निर्धारित तारीख 15 जून थी जिसे राज्य निर्वाचन आयोग ने बढ़ाकर 25 जून कर दिया है। कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के पास नाम जुड़वाने और हटवाने के लिए अतिरिक्त 7 दिन का समय है इसका पूरा सही उपयोग करें।

आज दिनांक तक आप सभी ने पूरी लगन के साथ अपने-अपने क्षेत्र में नवीन मतदाता जिनकी उम्र अभी 18 वर्ष हुई है उनका नाम जुड़ाने का काम किया है साथ ही अनावश्यक नामों को हटवाने की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया। पुन: पूरी लगन मेहनत के साथ जुटकर शेष नामों को जुड़वाने और हटवाने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। आगामी नगरीय निकाय चुनाव पर जोर देते हुए उन्होंने आगे कहा कि मतदाता सूची चुनाव की सबसे बड़ी मजबूत कड़ी है। वोट की चोरी तो सभी ने सुनी हुई थी वर्तमान में सीट की चोरी भी देख ली। इसीलिये वोट की चोरी से बचने के लिए आवश्यक है कि हम सभी सर्तकर्ता से मतदाता सूची संशोधन पर ध्यान दें। नाम जुड़वाना और हटवाना एक अलग विषय है, लेकिन किन क्षेत्रों में कितने नाम जुड़ रहे हैं इस पर भी ध्यान देना नितांत आवश्यक है। उन्होंने सभी को सर्तक करते हुए कहा कि किस क्षेत्र में सबसे अधिक<


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