थार में नाबालिग को लेकर फरार काजू आखिर चढ़ा पुलिस के हत्थे, पॉक्सो सहित गंभीर धाराओं में भेजा गया जेल

थार में नाबालिग को लेकर फरार काजू आखिर चढ़ा पुलिस के हत्थे, पॉक्सो सहित गंभीर धाराओं में भेजा गया जेल

14 दिन की तलाश के बाद नाबालिग अपहरण कांड का खुलासा, मुख्य आरोपी काजू गिरफ्तार, पॉक्सो सहित गंभीर धाराएं बढ़ीं

जुन्नारदेव पुलिस की मुस्तैदी - अपहृत बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा

*👁️मनेश साहु संपादक👁️ एवं मीडिया संगठन जिला अध्यक्ष छिन्दवाड़ा 9407073701🤝9131733420*

जुन्नारदेव ----- नाबालिग बालिका अपहरण कांड में जुन्नारदेव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिक बालिका का अपहरण कर उसे थार वाहन से भगा ले जाने वाले मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहृत नाबालिग बालिका को भी सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

क्या है पूरा मामला ----- बीती 27 मई 2026 की सुबह आरोपी अरशद शेख उर्फ काजू पिता शेख फरीद, उम्र 32 वर्ष, निवासी वेलफेयर जुन्नारदेव ने अपने दोस्त फैजल जमाल की थार वाहन क्रमांक सीजी-04-क्यूएक्स-9980 का उपयोग कर नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। परिजनों की शिकायत पर थाना जुन्नारदेव में अपराध क्रमांक 202/26, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।

एसआईटी का गठन और पुलिस की दबिश ----- मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा के निर्देशन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले घटना में प्रयुक्त थार वाहन के मालिक फैजल जमाल को नाबालिग को भगाने हेतु वाहन उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जो वर्तमान में भी जेल में है। इसके बाद जुन्नारदेव पुलिस और स्पेशल टीम ने मुख्य आरोपी काजू के दोस्तों से कड़ाई से पूछताछ की और नागपुर, इंदौर, भोपाल तथा बैतूल जैसे संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी।

घेराबंदी के बाद आरोपियों ने किया सरेंडर ----- इसी बीच पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि आरोपी अरशद शेख उर्फ काजू अपने एक रिश्तेदार और दोस्त माधव सोनी निवासी गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर के घर पर रुका हुआ है। जब स्थानीय पुलिस की मदद से वहां दबिश दी गई, तो आरोपी काजू नाबालिग बालिका को साथ लेकर पुनः थार वाहन से भोपाल की ओर भागने लगा। पुलिस टीमों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी का पीछा किया और चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। पुलिस के बढ़ते दबाव को देखकर मुख्य आरोपी अरशद उर्फ काजू, उसके सहयोगी माधव सोनी और नाबालिग बालिका ने 14 जून 2026 को पुलिस के सामने जिला मुख्यालय छिंदवाड़ा आत्मसमर्पण कर दिया।

दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ीं ------ पुलिस द्वारा बालिका को सकुशल छुड़ाकर जब उसके बयान दर्ज किए गए, तो बयानों के आधार पर मामले में गंभीर धाराओं का इजाफा किया गया। मुख्य आरोपी अरशद शेख उर्फ काजू के विरुद्ध अब दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने काजू की मदद करने वाले अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिसमें नरसिंहपुर से काजू के 4 मददगार रिश्तेदार भी शामिल हैं।

जब्त की गई सामग्री ----- पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त थार वाहन, 05 नग मोबाइल फोन जिसमें आरोपी और नाबालिग बालिका के फोन शामिल हैं। आरोपी एवं बालिका के कपड़ों से भरा हुआ दो बैग जप्त किए गए। अरशद शेख उर्फ काजू और उसके सहयोगी माधव उर्फ माधव सोनी उम्र 30 वर्ष, निवासी गाडरवारा को न्यायालय जुन्नारदेव के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया है। वहीं, नाबालिग बालिका को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है।

गिरफ्तारी में इनकी रही सराहनीय भूमिका ----- इस पूरे मामले का खुलासा करने और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में थाना प्रभारी जुन्नारदेव निरीक्षक जगोतिन मसराम, उप निरीक्षक मयंक, उप निरीक्षक संजय सोनवानी, उप निरीक्षक पूनम उइके, उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे, उप निरीक्षक अंजना मरावी, उप निरीक्षक चेतन मर्सकोले, साइबर सेल से आरक्षक आदित्य रघुवंशी, आरक्षक संतोष धुर्वे, संदीप झरबड़े, नीलेश पाल, योगेश रघुवंशी, योगेश जांगले और महिला आरक्षक निधि बघेल की सराहनीय भूमिका रही।

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