राजा भोज के डीएनए की हो सार्वजनिक जांच, फर्जी वंशावली बताने वालों पर हो कार्रवाई : एसकेपी अध्यक्ष किशोर समरीते


सच की आंखें बालाघाट। संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर समरीते ने मालवा के परमार (राजपूत) वंश के शासक राजा भोज के संबंध में विभिन्न व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे वंशज होने के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए उनके डीएनए को सार्वजनिक किए जाने की मांग की है। श्री समरीते ने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार परमार (राजपूत) वंश के राजा भोज का शासन मालवा क्षेत्र में रहा है, जबकि बालाघाट क्षेत्र में मराठा तथा हैहय वंश के राजाओं का शासन रहा था। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इतिहास की गलत व्याख्या कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं तथा राजा भोज के शासन क्षेत्र को बालाघाट, गोंदिया और भंडारा तक बताने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं को राजा भोज का वंशज बताते हैं, उनके दावों की वैज्ञानिक जांच होनी चाहिए। इसके लिए राजा भोज के डीएनए का सार्वजनिक परीक्षण कर कथित वंशजों के डीएनए का मिलान कराया जाना चाहिए, ताकि परमार (राजपूत) समाज अपनी वास्तविक पहचान और वंश परंपरा को प्रमाणित कर सके। श्री समरीते ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी वंशावली प्रस्तुत कर समाज और इतिहास को भ्रमित करने का कार्य कर रहा है तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास को तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जिससे समाज को सही जानकारी मिल सके और ऐतिहासिक सत्य सुरक्षित रह सके।

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