सुरक्षित पर्यटन व स्वच्छ पर्यटन स्थल पर हुआ मंथनतामिया में समिति सदस्यों को दिया गया प्रशिक्षण, बारिश के मौसम में संभावित खतरों से बचाव पर जोर


सच की आंखें 

छिन्दवाड़ा/17 जून 2026/ विश्व विख्यात पर्यटन स्थल तामिया में सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने तथा वर्षाकाल में संभावित खतरों को कम करने के उद्देश्य से आज पर्यटन समिति सदस्यों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सुरक्षित पर्यटन, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन तथा स्थानीय रोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।

       परिक्षेत्र तामिया के अंतर्गत वर्षाकाल में मनोरम वन, घना कोहरा, पहाड़ियां और झरनों का आनंद लेने के लिए लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों के लिए व्यू प्वाइंट, छोटा महादेव, झिंगरिया वॉटरफॉल और होम स्टे प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं। हालांकि बरसात के मौसम में इन स्थलों पर भू-स्खलन, फिसलन, नदियों में उफान, आंधी-तूफान के दौरान पेड़ गिरना तथा अत्यधिक कोहरे के कारण दृश्यता कम होना आम बात है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

       इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड के तत्वावधान में पर्यटन स्थलों के आसपास के ग्रामों की पर्यटन समिति के सदस्यों के प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और रोजगार संवर्धन के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में समिति सदस्यों को इको पर्यटन की अवधारणा समझाते हुए इसे अपनी जीवनशैली में अपनाने तथा पर्यटकों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। पर्यटकों से अपील की गई कि वे पर्यटन स्थलों पर कचरा न फैलाएं और अपने साथ लाया गया कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें, जिससे उसका उचित निष्पादन हो सके। कचरा प्रबंधन के लिए मध्यप्रदेश इको पर्यटन बोर्ड के माध्यम से वन विभाग द्वारा विभिन्न पर्यटन स्थलों पर डस्टबिन लगाए जाने की जानकारी भी दी गई।

       स्थानीय रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम स्टे संचालकों एवं समिति सदस्यों को समूह बनाकर अचार, महुआ लड्डू, कोदो, कुटकी और मक्का जैसे स्थानीय उत्पादों के छोटे पैकेट तैयार कर बेचने की सलाह दी गई। साथ ही शहरों से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पारंपरिक ज्ञान, नृत्य, गायन, स्थानीय भोजन तथा बैलगाड़ी भ्रमण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

      कार्यशाला में यह भी निर्णय लिया गया कि वर्तमान में वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की अधिकता और हिंसक वन्यजीवों के विचरण की जानकारी पर्यटकों को समिति सदस्यों एवं संबंधित वन रक्षकों द्वारा दी जाएगी, ताकि पर्यटक सुरक्षित रह सकें। विगत वर्षों में हुए हादसों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित पर्यटन और संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से यह एक दिवसीय कार्यशाला मुख्य वन संरक्षक छिंदवाड़ा श्री कमल अरोरा एवं वनमंडल अधिकारी पश्चिम छिंदवाड़ा श्री साहिल गर्ग के निर्देशानुसार आयोजित की गई।

       परिक्षेत्र अधिकारी तामिया श्री हिमांशु विश्वकर्मा एवं वन विभाग के स्टाफ द्वारा पर्यटन ग्राम मोयापानी और पीपरढार में आयोजित इस जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यशाला में समिति अध्यक्ष, घानाकौडिया सरपंच, पूर्व सरपंच, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित होम स्टे संचालक तथा आसपास के ग्रामों एवं ढानों के समिति सदस्य उपस्थित थे। दोनों कार्यक्रम उपवनमंडल अधिकारी तामिया श्रीमती सीमा ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुए।

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