सच की आंखें तामिया। जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही पुलिस और सोए हुए प्रशासन को जगाने के लिए कांग्रेस के कद्दावर नेता गुरुचरण खरे ने तामिया की धरती से एक ऐसी हुंकार भरी है, जिसने सत्ता और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तामिया के मंच से बोलते हुए खरे ने साफ कर दिया कि जनता के उत्पीड़न के खिलाफ कांग्रेस अब चुप बैठने वाली नहीं है, बल्कि ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए तैयार है।
जनता पर जुल्म हुआ तो सीमाएं लांघ देगी कांग्रेस
क्षेत्र में बढ़ती पुलिसिया मनमानी और जनता की सुनवाई न होने से आक्रोशित गुरुचरण खरे के तेवर मंच पर बेहद कड़क और प्रभावी नजर आए। उन्होंने आम जनता के सम्मान में पुलिस प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कान खोलकर सुन लें पुलिस वाले... अगर जनता को परेशान किया, तो आपके थाने का घेराव भी आपके थाने में घुसकर करेंगे! अगर हम शराफत दिखा रहे हैं, तो इसे हमारी कमजोरी समझने की भूल कतई न की जाए। हमारी शराफत का नाजायज फायदा उठाना बंद करें।
तहसीलदार और इंस्पेक्टर को दो टूक, जनता सर्वोपरि है
गुरुचरण खरे ने साफ लफ्जों में स्थानीय अधिकारियों को चेताया कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें, न कि जनता पर रौब झाड़ें। उन्होंने मंच से सीधे अल्टीमेटम देते हुए कहा कि खासकर तहसीलदार और इंस्पेक्टर यह बात अच्छी तरह सुन लें अगर जनता के काम नहीं हुए या उन्हें प्रताड़ित किया गया, तो पूरे जिले की कांग्रेस तामिया में आकर खड़ी हो जाएगी और हक छीन कर लेगी।
जनता के मसीहा बनकर उभरे खरे
खरे का यह रौद्र रूप असल में उस आम आदमी की आवाज है जो रोज दफ्तरों और थानों के चक्कर काटकर थक चुका है। उनके इस बेहद प्रभावशाली और तीखे भाषण के बाद क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भर गया है। मंच से गूंजी उनकी यह दहाड़ इस बात का सबूत है कि जब-जब प्रशासन निरंकुश होगा, गुरुचरण खरे जैसी कद्दावर आवाजें उनके सामने दीवार बनकर खड़ी रहेंगी।
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