अजयगढ़ के पेराहा गांव में वन भूमि से कब्जा हटाने के दौरान हिंसक झड़प, दोनों पक्षों के 20 से अधिक लोग घायल
वन भूमि से बेदखली की कार्रवाई का ग्रामीणों ने किया विरोध, वन विभाग के दो कर्मचारी भी घायल होने की जानकारी
पन्ना। पन्ना जिले की अजयगढ़ रेंज के अंतर्गत पेराहा गांव में वन भूमि से कथित अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। घटना में दोनों पक्षों के 20 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में ग्रामीणों के साथ वन विभाग के कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेराहा गांव में लगभग 30 हेक्टेयर वन भूमि पर पटेल समाज के लोग लंबे समय से खेती कर रहे थे। वन भूमि से कब्जा हटाने के लिए छतरपुर और पन्ना के वन विभाग के अधिकारियों तथा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। इस दौरान भूमि पर पौधरोपण भी कराया जा रहा था। कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़कर हिंसक झड़प में बदल गया।
ग्रामीणों ने बिना पूर्व सूचना कार्रवाई का लगाया आरोप
अस्पताल में भर्ती घायल ग्रामीण विनोद पटेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सुबह अचानक बिना पूर्व नोटिस के कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने दावा किया कि विरोध करने पर महिलाओं और ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई। इस घटना में सोना पटेल, दिनेश पटेल, राधा पटेल और रजनीश पटेल सहित 20 से अधिक ग्रामीणों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वन विभाग के कर्मचारियों के घायल होने की भी जानकारी
दूसरी ओर, वन विभाग की ओर से बताया गया कि कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों के हमले में देवेंद्रनगर के वन रक्षक बसंत लाला वर्मा और पवई रेंज की वनपाल भारती कुमारी घायल हो गए। इस प्रकार घटना में दोनों पक्षों के लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रण में लेने की बात कही गई है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पेराहा गांव की इस घटना ने वन भूमि से बेदखली की कार्रवाई के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समन्वय तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मामले में दोनों पक्षों के आरोपों की जांच और घटना की निष्पक्ष पड़ताल के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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