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परोपकार की भावना हो तो व्यवसाय के साथ समाज की मदद भी की जा सकती है : प्रहलाद सिंह पटेलबालाघाट में एजुकेशन स्कॉलरशिप कार्यक्रम में शामिल हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, मेधावी विद्यार्थियों को वितरित किए छात्रवृत्ति पत्र

बालाघाट में एजुकेशन स्कॉलरशिप कार्यक्रम में शामिल हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, मेधावी विद्यार्थियों को वितरित किए छात्रवृत्ति पत्र

बालाघाट। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि व्यवसाय का उद्देश्य मुनाफा कमाना होता है, लेकिन परोपकार की भावना हो तो इसी मुनाफे से समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद भी की जा सकती है। श्रीराम फाइनेंस द्वारा ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े परिवारों के मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करना व्यवसाय और सामाजिक सरोकारों को जोड़ने की सराहनीय पहल है। यह अन्य व्यवसायियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ग्राम कोसमी में आयोजित एजुकेशन स्कॉलरशिप कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने चयनित मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति पत्र वितरित किए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में सांसद भारती पारधी, विधायक राजकुमार कर्राहे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा लिल्हारे, जनपद पंचायत अध्यक्ष फूलचंद सहारे, कलेक्टर आदित्य सिंह, पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तनुश्री मीणा, एसडीएम गोपाल सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों से मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की अपील

मंत्री पटेल ने श्रीराम फाइनेंस के ‘नवगति हर सफर में प्रगति’ कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एजुकेशन स्कॉलरशिप प्रोग्राम के लिए चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे निरंतर मेहनत करें और आगामी कक्षाओं में भी 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने का प्रयास करें, ताकि आगे भी छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि गरीबी किसी की प्रगति में स्थायी बाधा नहीं है। विद्यार्थियों को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर शिक्षा, मेहनत और अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करना चाहिए।

श्रमिकों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगी सहायता

मंत्री पटेल ने श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संबल कार्डधारी श्रमिकों के पात्र बच्चों को 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता देने की योजना बनाई गई है। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को एक वर्ष तक प्रतिमाह 7,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने बताया कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में चार श्रमोदय विद्यालय संचालित हैं। इसके अतिरिक्त नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर तीन और श्रमोदय विद्यालय बनाए जा रहे हैं। उन्होंने ग्राम बगदरा और कोसमी में नशामुक्ति के लिए पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।

व्यवसायिक संस्थाएं सामाजिक सेवा में निभाएं भूमिका : भारती पारधी

सांसद भारती पारधी ने कहा कि समाज के विकास और जरूरतमंद लोगों की सहायता की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है। व्यवसायिक संस्थाओं और उद्यमियों को भी सामाजिक सेवा के लिए आगे आना चाहिए। श्रीराम फाइनेंस का एजुकेशन स्कॉलरशिप प्रोग्राम इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को इस सहायता का सदुपयोग करते हुए पूरी लगन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प से वे अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सही मार्ग चुनकर भविष्य निर्माण करने का आह्वान किया।

बालाघाट जिले के 1,000 प्रतिभाशाली बच्चों को मिल रही छात्रवृत्ति

श्रीराम फाइनेंस के सचिन सिंह सेखावत ने बताया कि ‘नवगति हर सफर में प्रगति’ कार्यक्रम के अंतर्गत बालाघाट जिले में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े ऑपरेटरों, ड्राइवरों, कंडक्टरों और किसानों के प्रतिभाशाली बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। इस पहल के तहत जिले के 1,000 बच्चों को लाभ दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कंपनी देशभर में दो लाख से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है, जिनमें मध्यप्रदेश के 12 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हैं। कंपनी शिक्षा के माध्यम से जरूरतमंद और प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में छात्रवृत्ति के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और मेहनत के बल पर सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही व्यवसाय के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और जरूरतमंद परिवारों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

सच की आंखें न्यूज़ | बालाघाट संवाददाता : भीमराव डोंगरे

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