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आईआईटी धनबाद के राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. गौतम पाटिल ने दिया विशेष व्याख्यान

आईआईटी धनबाद के राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. गौतम पाटिल ने दिया विशेष व्याख्यान

आईआईटी धनबाद के राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. गौतम पाटिल ने दिया विशेष व्याख्यान

शासकीय महाविद्यालय बिछुआ के सहायक प्राध्यापक ने सूर्यमुखी के औषधीय गुणों और फाइटो-केमिकल्स पर रखे शोधपरक विचार

सच की आंखें न्यूज़ | छिंदवाड़ा। इंस्टीट्यूशन ऑफ केमिस्ट्स द्वारा 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देशभर के वैज्ञानिकों, प्रोफेसरों एवं शोधार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन में शासकीय महाविद्यालय बिछुआ, जिला छिंदवाड़ा के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. गौतम पाटिल को विशेष आमंत्रित व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया।

डॉ. पाटिल ने “फाइटो-केमिकल्स इन हेलिएंथस एनस (सूर्यमुखी) मेडिसिनल प्लांट” विषय पर अपना शोधपरक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने व्याख्यान में सूर्यमुखी के औषधीय महत्व और उसमें पाए जाने वाले विभिन्न जैव सक्रिय रासायनिक तत्वों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सूर्यमुखी केवल एक महत्वपूर्ण तिलहन फसल ही नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर पौधा है। इसके बीजों, पत्तियों एवं फूलों में फ्लेवोनॉयड्स, फेनोलिक यौगिक, टरपेनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट जैसे फाइटो-केमिकल्स पाए जाते हैं। इन तत्वों पर किए जा रहे वैज्ञानिक शोध से सूजन, संक्रमण, हृदय रोग एवं मधुमेह जैसी बीमारियों के उपचार में संभावित उपयोग की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।

डॉ. पाटिल ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में सूर्यमुखी के उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान में भी इसके औषधीय महत्व का अध्ययन किया जा रहा है। औषधीय पौधों पर शोध के माध्यम से भविष्य में सस्ती एवं प्रभावी औषधियों के विकास की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

उनके व्याख्यान की सम्मेलन में उपस्थित वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों ने सराहना की। व्याख्यान के बाद शोधार्थियों ने विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे तथा औषधीय पौधों पर भविष्य में शोध की संभावनाओं पर चर्चा की।

इस अवसर पर डॉ. पाटिल ने युवा शोधार्थियों को औषधीय पौधों के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भारत की समृद्ध जैव विविधता औषधीय अनुसंधान के लिए एक बड़ा खजाना है, जिसका वैज्ञानिक अध्ययन समाज के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में विशेष आमंत्रित व्याख्यान देने पर शासकीय महाविद्यालय बिछुआ के प्राचार्य डॉ. आर.पी. यादव एवं महाविद्यालय परिवार ने डॉ. गौतम पाटिल को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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