छिंदवाड़ा में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा त्वरित इलाज, पीएम राहत योजना पर कार्यशाला आयोजित

छिंदवाड़ा में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा त्वरित इलाज, पीएम राहत योजना पर कार्यशाला आयोजित
छिंदवाड़ा, 24 अप्रैल 2026।
सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में “प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों के लिए संवेदीकरण कार्यशाला सह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

कार्यशाला में कलेक्टर हरेंद्र नारायन और पुलिस अधीक्षक अजय पांडेय की उपस्थिति रही। डीएसपी ट्रैफिक आर.पी. चौबे ने योजना की जानकारी देते हुए पुलिस के ई-डार पोर्टल की कार्यप्रणाली समझाई। वहीं एनआईसी के तकनीकी विशेषज्ञ राजहंस गोंडाने ने योजना के आईटी प्लेटफॉर्म, ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS), हॉस्पिटल एंगेजमेंट मॉड्यूल और एंटी फ्रॉड ट्रिगर्स सहित तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना पीड़ित के भर्ती होने से लेकर टीएमएस आईडी जनरेशन, पुलिस ई-डार आईडी से मैपिंग, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को फॉर्म सबमिशन, सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया तक की पूरी जानकारी पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन और ऑनलाइन डेमो के माध्यम से दी गई। साथ ही अस्पताल संचालकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।

योजना का उद्देश्य और प्रावधान
पूर्व में CTRAV (कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम) के नाम से संचालित यह योजना अब नए स्वरूप में 13 फरवरी 2026 से लागू की गई है। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ में प्राथमिकता से उपचार मिलेगा। प्रत्येक पात्र मरीज को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों के भीतर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। मरीज को किसी भी नामित अस्पताल में तुरंत भर्ती कर उपचार शुरू किया जा सकेगा।

कार्यशाला में सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार, अपर कलेक्टर धीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी आशीष खरे, आरटीओ अनुराग शुक्ला, सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाडे, सिविल सर्जन डॉ. सुशील दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस थाना प्रभारी, एनआईसी के तकनीकी विशेषज्ञ एवं निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान “राहवीर योजना” के संबंध में भी अस्पतालों को ओरिएंटेशन दिया गया।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार मिलेगा और मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।

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