सिंगोड़ी: स्कूली बच्चों के मुख्य मार्ग पर खुलेआम बिक रहा मांस-मछली, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल..?




सच की आंखें सिंगोड़ी: एक ओर सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर अमरवाड़ा तहसील के सिंगोड़ी कस्बे में शिक्षा के मंदिर की राह ही सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। कस्बे के मुख्य मार्ग पर, जहाँ से सैकड़ों स्कूली बच्चे प्रतिदिन आवागमन करते हैं, वहाँ खुलेआम मांस और मछली का व्यापार फल-फूल रहा है। सड़क किनारे लगी ये दुकानें न केवल अस्वच्छता फैला रही हैं, बल्कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं।

क्या प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है?
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस मार्ग पर यह अवैध व्यापार खुलेआम चल रहा है, उसी के ठीक बगल में 'सिंगोड़ी समाधा मॉम स्कूल' स्थित है। नन्हे-मुन्ने बच्चे जब स्कूल जाते हैं, तो उन्हें इस घिनौने दृश्य और बदबू का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और ग्राम पंचायत की आँखों के सामने यह सब हो रहा है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्या अधिकारी किसी बड़े हादसे या स्वास्थ्य आपातकाल का इंतजार कर रहे हैं?

ग्राम पंचायत और एसडीएम की उदासीनता पर सवाल
स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल खड़े करते हुए कहा है:

ग्राम पंचायत: बाजार क्षेत्र में मांस-मछली की बिक्री के लिए स्पष्ट नियम हैं, फिर भी पंचायत ने इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया? क्या पंचायत को यहाँ व्यापार करने वालों का संरक्षण प्राप्त है?

एसडीएम कार्यालय: आखिर प्रशासन किसके दबाव में मौन साधे हुए है? मुख्य मार्ग पर इस प्रकार का व्यापार न केवल सार्वजनिक स्थलों की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि यातायात व्यवस्था और स्वच्छता नियमों का भी सीधा उल्लंघन है।

अमरवाड़ा प्रशासन से मांग:
क्षेत्र की जागरूक जनता अब प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रही है। मांग है कि तत्काल प्रभाव से मुख्य मार्ग से इन दुकानों को स्थानांतरित कर किसी निर्धारित स्थान पर शिफ्ट किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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